30 लाख की लूट में फरार आरोपी योगेश नाई राजस्थान से गिरफ्तार
Yogesh Nai, the absconding accused in the robbery of 30 lakhs, was arrested from Rajasthan
रायपुर। राजधानी रायपुर के आजाद चौक थाना क्षेत्र में 30 लाख रुपये की बड़ी लूट की वारदात में फरार चल रहे एक और आरोपी को पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम योगेश नाई है, जिसकी उम्र 20 वर्ष है और वह डुगरगढ़, जिला बीकानेर (राजस्थान) का रहने वाला है। आरोपी को 3 अगस्त को बीकानेर से गिरफ़्तार किया गया और 4 अगस्त को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
क्या है मामला?
यह पूरा मामला 1 मई 2025 का है, जब प्रार्थी महावीर प्रसाद शर्मा ने थाना आजाद चौक में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, वह रात करीब 7:45 बजे समता कॉलोनी स्थित अपने घर लौट रहा था। तभी 4-5 अज्ञात युवकों ने रास्ते में रोककर उसके साथ मारपीट की और उसके पीठ पर लटका बैग लूट लिया। बैग में 30 लाख रुपये नगद रखे थे, जो लुटेरे लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने दर्ज किया था मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए आजाद चौक थाना पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 111/2025 के तहत धारा 309(4), 61 BNS के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी और मुखबिर की सूचना के आधार पर लगातार कार्रवाई करते हुए पहले ही इस लूटकांड में शामिल चार आरोपियों को 14 मई 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोपी भी डुगरगढ़, जिला बीकानेर, राजस्थान से गिरफ्तार किए गए थे। पूछताछ में इन सभी ने लूट में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी और यह भी बताया था कि वारदात को सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया था।
फरार था मुख्य आरोपी योगेश नाई
मामले का एक अन्य आरोपी योगेश नाई घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम लगातार बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में दबिश दे रही थी। अंततः 3 अगस्त को पुलिस को सफलता मिली और आरोपी योगेश को भी उसके पैतृक निवास डुगरगढ़ से धरदबोचा गया।
गिरफ्तारी के बाद योगेश नाई को आज यानी 4 अगस्त 2025 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस लूटकांड से जुड़े अन्य पहलुओं और लूटी गई रकम की बरामदगी को लेकर आगे की जांच कर रही है।
पुलिस की सख्त निगरानी में मामला
इस पूरी घटना में रायपुर पुलिस की तत्परता और राजस्थान पुलिस के सहयोग से सभी आरोपी गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई, जिससे लूट जैसे संगीन अपराधों पर लगाम लगाने में बड़ी सफलता मिली है।






