कृषि बजट 2026-27 पर बीजापुर में वेबिनारः किसानों को बताए गए प्राकृतिक खेती, डिजिटल कृषि और आत्मनिर्भर भारत के नए रास्ते

Webinar on Agriculture Budget 2026-27 in Bijapur: Farmers briefed on natural farming, digital agriculture, and new paths to a self-reliant India

कृषि बजट 2026-27 पर बीजापुर में वेबिनारः किसानों को बताए गए प्राकृतिक खेती, डिजिटल कृषि और आत्मनिर्भर भारत के नए रास्ते

बीजापुर 06 मार्च 2026

कृषि क्षेत्र में नवाचार और ग्रामीण परिवर्तन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, बीजापुर में वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट की घोषणा के अनुसरण में कृषि और ग्रामीण परिवर्तन पर बजट के बाद वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को बजट में कृषि क्षेत्र के लिए की गई प्रमुख घोषणाओं और नई योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संबोधन वर्चुअल माध्यम से सुनाया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए सरकार की विभिन्न पहलुओं पर आधारित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, दलहन एवं तिलहन उत्पादन में वृद्धि, पशुपालन, मछली पालन तथा नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
वेबिनार में कृषि के आधुनिकीकरण और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी प्रकाश डाला गया। इनमें एआईसंचालित डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा ;क्पहपजंस च्नइसपब प्दतिंेजतनबजनतमद्धके माध्यम से कृषि विस्तार, नारियल प्रचार योजना, राष्ट्रीय काजू और कोको विकास कार्यक्रम के तहत वर्ष 2030 तक आत्मनिर्भरता और वैश्विक ब्रांड नेतृत्व की दिशा में रणनीतियाँ, भारत में बादाम, अखरोट और चिलगोजा के उत्पादन की संभावनाएं तथा कृषि वानिकी के माध्यम से चंदन और अगरवुड के संवर्धन जैसे विषय प्रमुख रहे।
यह कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, बीजापुर और कृषि विभाग बीजापुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. शमशेर आलम, डॉ. मिथलेश कुमार, डॉ. भूपेंद्र कुमार तथा श्री अरविंद आयाम सहित कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
वेबिनार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 100 किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को नई तकनीको, योजनाओं और बजट में किए गए प्रावधानों की जानकारी प्राप्त हुई जिससे उन्हें कृषि को अधिक लाभकारी और आधुनिक बनाने के लिए प्रेरणा मिली।