सुशासन के केंद्र में संवेदनशीलता, जनदर्शन में तत्काल सुलझी समस्याएं

Sensitivity at the heart of good governance, problems solved immediately during public darshan

सुशासन के केंद्र में संवेदनशीलता, जनदर्शन में तत्काल सुलझी समस्याएं

आज के जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्त

रायपुर, 8 जनवरी 2026

आज के जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्त

लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच का सीधा संवाद ही सुशासन की असली कसौटी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ‘जनदर्शन’ के माध्यम से अंतिम छोर के व्यक्ति की पीड़ा सुन रहे हैं और मौके पर ही उनका समाधान भी कर रहे हैं। इससे न केवल लोगों की उम्मीदें तत्परता से पूरी हो रही हैं, बल्कि यह नागरिकों में व्यवस्था के प्रति विश्वास भी बढ़ा रहा है। लोगों की जरूरतों, मांगों और तकलीफों के प्रति संवेदनशीलता के साथ तत्परता साबित करती है कि संवेदनशीलता ही सुशासन के केंद्र में है। जब लोगों की उम्मीदों और जन आकांक्षाओं को मुख्यमंत्री की सहृदयता से पंख मिलते हैं, तो सही मायनों में अंत्योदय का सपना साकार होता है। आज के जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्त हुए।

आज के जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्त

       मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के राजधानी रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में आज आयोजित जनदर्शन सेवा, संवेदना और समाधान का त्रिवेणी संगम बन गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने एक बार फिर साबित किया कि जन सरोकारों से जुड़ी समस्याओं का निराकरण उनकी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घंटों तक प्रदेश के कोने-कोने से आए फरियादियों की अर्जी सुनी। लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए उन्होंने तत्काल ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। कई जररूतमंदों के लिए तुरंत आर्थिक सहायता मंजूर की। 

दिव्यांगों के जीवन से छटेगा अंधेरा, अब खुद तय करेंगे अपनी राह

      मुख्यमंत्री श्री साय ने आज के जनदर्शन ने कई दिव्यांगजनों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी। रायपुर के खामतराई के श्री जीवन दास मानिकपुरी और आरंग के श्री भारत साहू को मुख्यमंत्री ने जब बैटरीचलित ट्राइसिकल सौंपी, तो उनकी आंखों में आत्मनिर्भरता की चमक साफ दिखाई दी। अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए किसी और का मोहताज नहीं होना पड़ेगा। इसी तरह रायपुर के चंदू यादव और सुमन साहू को भी ट्राइसिकल व व्हीलचेयर प्रदान की गई। वहीं, सुनने की क्षमता खो चुके सागर नायक और उमेश पटेल को तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे वे अब दुनिया की आवाजें सुन सकेंगे।

लकवा के इलाज के लिए बसंती को मिले 5 लाख रुपए

      जनदर्शन में महासमुंद जिले के ग्राम बड़ेटेमरी की श्रीमती बसंती साव की बड़ी उम्मीद आज पूरी हुई। पैरों से लकवाग्रस्त बसंती ने जब इलाज के लिए बड़ी रकम की जरूरत और अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति की जानकारी मुख्यमंत्री को दी, तो श्री साय ने तनिक भी देरी नहीं की। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल निर्देशित कर मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना से पांच लाख रुपए की राशि स्वीकृत कराई। बसंती को इससे पहले भी शासन से 75 हजार रुपए की मदद मिल चुकी है। मुख्यमंत्री की इस त्वरित कार्रवाई ने बसंती के परिवार को बड़ी चिंता से मुक्त कर दिया। श्री साय ने इलाज के साथ ही शिक्षा व अन्य जरूरतों के लिए भी कई लोगों के लिए आर्थिक सहायता की तत्काल मंजूरी दी। 

60 साल के हनुमंत राव को अब मिलेगा सरकारी राशन

     जनदर्शन में रायपुर के तात्यापारा निवासी 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक श्री हनुमंत राव की समस्या का भी त्वरित निराकरण हुआ। माता-पिता के निधन के बाद राशन कार्ड की पात्रता को लेकर जूझ रहे श्री राव ने अपनी व्यथा मुख्यमंत्री को सुनाई। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड न होने से वे सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से उनकी बात सुनी और मौके पर उपस्थित अधिकारियों को तत्काल उनका राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। 

तीन दिव्यांगों को 20-20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता

     मुख्यमंत्री ने सूरज नगर लाभांडी, रायपुर निवासी दिव्यांग 17 वर्षीय राज शर्मा की भी समस्या का त्वरित निदान किया। उन्होंने दोनों पैरों से दिव्यांग राज को 20 हजार रुपए का चेक देकर तात्कालिक सहायता प्रदान की। श्री साय ने श्री फूल गिरी गोस्वामी को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। रायगढ़ निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद को भी उच्च शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने तत्काल 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की।

संवेदनशीलता ही सुशासन का आधार- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनदर्शन में कहा कि यह केवल आवेदन लेने का माध्यम नहीं, बल्कि आम जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में आने वाले हर आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए ताकि जररूतमंदों को भटकना न पड़े।