नैनो यूरिया और नैनो डीएपी से किसान भागवत प्रसाद टंडन की बढ़ी आय, खेती बनी अधिक लाभकारी

Nano Urea and Nano DAP boost farmer Bhagwat Prasad Tandon's income, making farming more profitable

नैनो यूरिया और नैनो डीएपी से किसान भागवत प्रसाद टंडन की बढ़ी आय, खेती बनी अधिक लाभकारी

आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन और गुणवत्ता में हुआ उल्लेखनीय सुधार

रायपुर, जून 2026

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव किसानों के जीवन में दिखाई देने लगा है। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कचंदा निवासी किसान श्री भागवत प्रसाद टंडन इसका जीवंत उदाहरण हैं। लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि पर खेती करने वाले श्री टंडन ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग कर अपनी खेती को अधिक उत्पादक, किफायती और टिकाऊ बनाया है।

परंपरागत खेती में बढ़ती लागत और बेहतर उत्पादन की चुनौतियों से जूझ रहे श्री टंडन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप कृषि क्षेत्र में नवाचार को अपनाते हुए नैनो उर्वरकों का प्रयोग शुरू किया। कृषि विभाग से प्राप्त तकनीकी मार्गदर्शन और निरंतर प्रोत्साहन ने उन्हें नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया।

श्री टंडन बताते हैं कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से फसलों को संतुलित पोषण मिला, जिससे पौधों की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। साथ ही, फसल की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।

उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों की कम मात्रा में ही प्रभावी परिणाम प्राप्त होते हैं, जिससे उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम हुआ है। इसके अलावा इनका परिवहन और उपयोग भी बेहद आसान है, जिससे किसानों को अतिरिक्त सुविधा मिलती है। कम लागत और बेहतर उत्पादन के कारण उनकी आय में वृद्धि हुई है तथा खेती पहले की तुलना में अधिक लाभकारी बन गई है।

श्री भागवत प्रसाद टंडन का मानना है कि यदि किसान आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं तो वे अपनी उत्पादकता और आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी कृषि विभाग के मार्गदर्शन में नैनो उर्वरकों का उपयोग कर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की अपील की।