हादसे में मोहन ने गंवाई हाथ, अब कृत्रिम हाथों से काम होगा आसान
Mohan lost his hand in an accident, now work will be easier with artificial hands
रायपुर। एक वक्त था जब एक हाथ से काम आसान नहीं हो पाता था। तकलीफें बहुत होती थी, लेकिन समस्याओं को दूर करने का काम छत्तीसगढ़ सरकार ने किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद करते है। क्योंकि उनकी वजह से आज मुझे कृत्रिम हाथ मिला और उन हाथों से अब सब काम भी आसान हो जाएगा। यह कहना है दुर्ग निवासी श्री मोहन कन्हाई। दिव्यांग मोहन यह कहते है कि निःशुल्क कृत्रिम फंक्शनबेल हाथ मिलने से काफी खुशी हुई। पहले रोजगार की चिंता अक्सर सताते रहती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योंकि दोनों हाथ से काम करने में कोई दिक्कत नहीं होगी तो रोजगार भी मिल सकेगा।
उल्लेखनीय है कि यह अत्याधुनिक कृत्रिम हाथ 36 से ज्यादा ग्रिप पैटर्न बनाने में सक्षम है और इसे एंड्राइड और साफ्टवेयर एप से भी संचालित किया जा सकता है। साथ ही, यह कृत्रिम हाथ चार्ज भी किया जाता जाता है। यह कृत्रिम हाथ 35 किलो तक वजन उठाने में सक्षम हैं, जिससे उपयोगकर्ता को अपने दैनिक कार्यों में सहूलियत मिलती है। इस तकनीकी डिवाइस को पोलैंड की एक कंपनी ने 13 लाख रुपये की लागत से निर्मित किया है, जो कि एक उन्नत और किफायती विकल्प है।






