पंचतत्व में विलीन हुए डॉ. मनमोहन सिंह: निगमबोध घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

Dr. Manmohan Singh merged into the five elements: Last rites performed at Nigambodh Ghat

पंचतत्व में विलीन हुए डॉ. मनमोहन सिंह: निगमबोध घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

नई दिल्ली। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह का शनिवार को निगमबोध घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई दिग्गज नेता शामिल हुए। सभी ने दिवंगत नेता को अंतिम विदाई देते हुए उनके महान योगदान को याद किया।

गौरतलब है कि डॉ. मनमोहन सिंह का गुरुवार रात 92 साल की उम्र में निधन हो गया था। उन्हें उम्र संबंधी बीमारियों के कारण दिल्ली के एम्स अस्पताल में ले जाया गया था, जहां उनका निधन हो गया। पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार को जनता के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास 3, मोतीलाल नेहरू रोड, नई दिल्ली पर रखा गया था।

डॉ. सिंह, भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में एक विशाल व्यक्तित्व थे, जिनके योगदान ने देश को रूपांतरित किया और उन्हें विश्व भर में सम्मान प्राप्त हुआ। 1990 के दशक के प्रारंभ में वित्त मंत्री के रूप में डॉ. सिंह भारत के आर्थिक उदारीकरण के शिल्पकार थे।

अपनी अद्वितीय दूरदृष्टि के साथ, उन्होंने ऐसे सुधारों की शुरुआत की जिन्होंने न केवल देश को भुगतान संकट से उबारा, बल्कि वैश्विक बाजारों के लिए द्वार खोले। उनके द्वारा किए गए विनियमन, निजीकरण और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने वाले नीतिगत कदमों ने भारत के तेजी से विकास की नींव रखी। उनके नेतृत्व में, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया, जो उनकी प्रतिभा और दृष्टिकोण का प्रमाण है।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह साल 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री रहे थे। साल 1991 में मनमोहन सिंह की राजनीति में एंट्री हुई जब 21 जून को पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार में उन्हें वित्त मंत्री बनाया गया। उस समय देश एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा था। पी.वी. नरसिंह राव के साथ मिलकर उन्होंने विदेशी निवेश का रास्ता साफ किया था। वित्त मंत्री रहते उन्होंने देश में आर्थिक उदारीकरण की नीतियों को लागू किया, जिससे विदेशी निवेश को बढ़ावा मिला और भारत को विश्व बाजार से जोड़ा जा सका।

वह 1991 में पहली बार असम से राज्यसभा के सांसद चुने गए। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कई सुधार किए, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर हुई।

वह 1998 से 2004 तक विपक्ष के नेता भी रहे। हालांकि, साल 2004 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को मिली जीत के बाद उन्होंने 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्होंने यूपीए-1 और 2 में प्रधानमंत्री का पद संभाला। मनमोहन सिंह ने पहली बार 22 मई 2004 और दूसरी बार 22 मई, 2009 को प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली थी।