पुनर्वासित युवाओं के साथ उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया आत्मीय संवाद, साथ बैठकर किया सुबह का नाश्ता
Deputy Chief Minister Shri Vijay Sharma had a cordial conversation with the rehabilitated youth and had breakfast together.
युवाओं को परिवार से जुड़े रहने, कौशल प्रशिक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए किया प्रेरित
रायपुर, 08 जनवरी 2026


राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने बीजापुर के अपने दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन गुरुवार सुबह पुनर्वास केंद्र का दौरा कर वहां पुनर्वासित युवक-युवतियों से आत्मीय मुलाकात की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ बैठकर सुबह का नाश्ता किया और उनके कुशलक्षेम की जानकारी ली।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पुनर्वास केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेते हुए युवाओं से कहा कि वे अपने घर-परिवार से लगातार संपर्क बनाए रखें। उन्होंने बताया कि रविवार को बीजापुर के साप्ताहिक बाजार में उनके परिजन आते हैं, ऐसे में वे पुनर्वास केंद्र में आकर उनसे मुलाकात करें। इसके साथ ही मोबाइल के माध्यम से भी नियमित रूप से घरवालों से बातचीत कर हालचाल लेते रहें। उल्लेखनीय है कि सभी पुनर्वासित युवाओं को नि:शुल्क मोबाइल फोन भी उपलब्ध कराए गए हैं।

पुनर्वासित युवक-युवतियों ने बताया कि वे मोबाइल के माध्यम से व्हाट्सएप, यूट्यूब के साथ-साथ ऑनलाइन शॉपिंग का भी उपयोग कर रहे हैं। मोबाइल सुविधा और पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर युवाओं ने प्रसन्नता व्यक्त की। श्री शर्मा ने बस्तर ओलंपिक में शामिल युवाओं से उनके अनुभव भी साझा किए। कबड्डी, रस्साकसी सहित विभिन्न खेलों में भाग लेने वाले युवाओं ने अपने अनुभव बताए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक के बाद अब ‘बस्तर पंडुम’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 12 विधाओं में प्रतियोगिताएं होंगी। इसमें बस्तर की आदिवासी संस्कृति, खान-पान, नृत्य और पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने पुनर्वासित युवाओं से बस्तर पंडुम में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया, ताकि बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाया जा सके। युवाओं ने इसमें भाग लेने को लेकर उत्साह व्यक्त किया।
उपमुख्यमंत्री ने युवाओं को पुनर्वास केंद्र में संचालित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मन लगाकर ज्ञान अर्जित करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कई युवा अभी असाक्षर हैं, जिन्हें साक्षरता कार्यक्रम के तहत पढ़ाई से जोड़ा गया है और साक्षरता परीक्षा में भी शामिल किया जा रहा है।

श्री शर्मा ने युवाओं से बस्तर के बहुमूल्य वनोपज जैसे इमली, टोरा, महुआ, आंवला, चिरौंजी और तेंदूपत्ता के संग्रहण की जानकारी ली। उन्होंने वनोपज के वैज्ञानिक संग्रहण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन पर जोर देते हुए कहा कि बस्तर का वनोपज बस्तर की समृद्धि का प्रतीक है। सही तरीके से प्रसंस्करण कर शासन की योजनाओं से जुड़कर युवा आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं। इसके लिए शासन द्वारा हरसंभव सहायता दी जाएगी।
इस अवसर पर एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा, सचिव पंचायत विभाग श्री भीम सिंह, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, संचालक श्री अश्विनी देवांगन, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएफओ श्री रंगानाथन रामाकृष्णन, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।






