मोदी ने तृणमूल पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, बंगाल में लोकसभा की सभी 42 सीट जीतने का रखा लक्ष्य
मोदी ने तृणमूल पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, बंगाल में लोकसभा की सभी 42 सीट जीतने का रखा लक्ष्य
कृष्णानगर (पश्चिम बंगाल), 2 मार्चप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ हमला तेज करते हुए उसे उत्पीड़न, वंशवाद की राजनीति और विश्वासघात का पर्याय करार दिया तथा आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने योजनाओं को घोटालों में बदलने में महारत हासिल कर ली है।
मोदी ने नदिया जिले के कृष्णानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के विकास और देश की प्रगति के बीच आपसी संबंध पर जोर दिया तथा राज्य की सभी 42 लोकसभा सीट जीतने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को रेखांकित किया।
उन्होंने पार्टी समर्थकों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि राज्य के प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में भाजपा का चुनाव चिह्न कमल खिले।
प्रधानमंत्री ने संदेशखालि की घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में परेशान माताओं और बहनों का समर्थन करने के बजाय राज्य सरकार ने आरोपियों का पक्ष लिया।
संदेशखालि में महिलाओं ने कुछ तृणमूल नेताओं पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
मोदी ने कहा, पश्चिम बंगाल के लोग राज्य सरकार के कामकाज के तरीके से निराश हैं। उन्होंने बड़ी उम्मीदों के साथ टीएमसी को बार-बार इतना बड़ा जनादेश दिया है, लेकिन पार्टी अत्याचार, वंशवाद की राजनीति और विश्वासघात का दूसरा नाम बन गई है। टीएमसी की प्राथमिकता राज्य का विकास नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद है।
प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी का अर्थ अब हो गया है-तू, मैं और करप्शन (भ्रष्टाचार)।
उन्होंने केंद्रीय योजनाओं को अपना बताने और भ्रष्टाचार एवं पक्षपात की संस्कृति को बढ़ावा देने को लेकर तृणमूल कांग्रेस की आलोचना की।
मोदी ने कहा, टीएमसी ने पश्चिम बंगाल की छवि खराब कर दी है। उसने हर योजना को घोटाले में बदलने में महारत हासिल कर ली है। वे केंद्रीय योजनाओं पर मुहर लगाते हैं और इसे अपना बता देते हैं। वे गरीबों से छीनने और उन्हें वंचित करने में संकोच नहीं करते।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के तोलाबाजों (वसूली करने वालों) का नियंत्रण है और वे राज्य को अनुचित रूप से प्रभावित करते हैं तथा केंद्रीय योजनाओं के कार्यान्वयन में बाधा डालते हैं।
उन्होंने कहा, आगामी वर्षों में भाजपा देश और प्रदेश में निवेश एवं रोजगार के असंख्य अवसर पैदा करेगी। इसे सुनिश्चित करने के लिए आपको लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित कर अपना योगदान देना होगा। पश्चिम बंगाल की सभी 42 सीट पर कमल खिलना चाहिए।
मोदी ने संदेशखालि में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए पीड़ित महिलाओं की न्याय की गुहार के प्रति राज्य सरकार की उदासीनता पर अफसोस जताया।
उन्होंने कहा, चुनावी लाभ के लिए मां माटी मानुष का नारा देने के बावजूद, टीएमसी प्रशासन पश्चिम बंगाल में माताओं और बहनों का कल्याण सुनिश्चित करने में विफल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा राज्य में अपराधी प्रशासन के निर्णयों पर अनुचित प्रभाव डालते हैं।
मोदी ने कहा, पश्चिम बंगाल में हालात ऐसे हैं कि यह पुलिस नहीं, बल्कि अपराधी तय करते हैं कि उन्हें कब गिरफ्तार किया जाए।
उन्होंने संदेशखालि मामले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख की गिरफ्तारी का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार नहीं चाहती थी कि संदेशखालि के अपराधी को गिरफ्तार किया जाए, लेकिन जब पश्चिम बंगाल की महिला शक्ति दुर्गा बनकर खड़ी हो गई और भाजपा कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हुए तो राज्य सरकार को झुकने पर मजबूर होना पड़ा।(भाषा)
कृष्णानगर (पश्चिम बंगाल), 2 मार्चप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ हमला तेज करते हुए उसे उत्पीड़न, वंशवाद की राजनीति और विश्वासघात का पर्याय करार दिया तथा आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने योजनाओं को घोटालों में बदलने में महारत हासिल कर ली है।
मोदी ने नदिया जिले के कृष्णानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के विकास और देश की प्रगति के बीच आपसी संबंध पर जोर दिया तथा राज्य की सभी 42 लोकसभा सीट जीतने के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को रेखांकित किया।
उन्होंने पार्टी समर्थकों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि राज्य के प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में भाजपा का चुनाव चिह्न कमल खिले।
प्रधानमंत्री ने संदेशखालि की घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि क्षेत्र में परेशान माताओं और बहनों का समर्थन करने के बजाय राज्य सरकार ने आरोपियों का पक्ष लिया।
संदेशखालि में महिलाओं ने कुछ तृणमूल नेताओं पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
मोदी ने कहा, पश्चिम बंगाल के लोग राज्य सरकार के कामकाज के तरीके से निराश हैं। उन्होंने बड़ी उम्मीदों के साथ टीएमसी को बार-बार इतना बड़ा जनादेश दिया है, लेकिन पार्टी अत्याचार, वंशवाद की राजनीति और विश्वासघात का दूसरा नाम बन गई है। टीएमसी की प्राथमिकता राज्य का विकास नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद है।
प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी का अर्थ अब हो गया है-तू, मैं और करप्शन (भ्रष्टाचार)।
उन्होंने केंद्रीय योजनाओं को अपना बताने और भ्रष्टाचार एवं पक्षपात की संस्कृति को बढ़ावा देने को लेकर तृणमूल कांग्रेस की आलोचना की।
मोदी ने कहा, टीएमसी ने पश्चिम बंगाल की छवि खराब कर दी है। उसने हर योजना को घोटाले में बदलने में महारत हासिल कर ली है। वे केंद्रीय योजनाओं पर मुहर लगाते हैं और इसे अपना बता देते हैं। वे गरीबों से छीनने और उन्हें वंचित करने में संकोच नहीं करते।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के तोलाबाजों (वसूली करने वालों) का नियंत्रण है और वे राज्य को अनुचित रूप से प्रभावित करते हैं तथा केंद्रीय योजनाओं के कार्यान्वयन में बाधा डालते हैं।
उन्होंने कहा, आगामी वर्षों में भाजपा देश और प्रदेश में निवेश एवं रोजगार के असंख्य अवसर पैदा करेगी। इसे सुनिश्चित करने के लिए आपको लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित कर अपना योगदान देना होगा। पश्चिम बंगाल की सभी 42 सीट पर कमल खिलना चाहिए।
मोदी ने संदेशखालि में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए पीड़ित महिलाओं की न्याय की गुहार के प्रति राज्य सरकार की उदासीनता पर अफसोस जताया।
उन्होंने कहा, चुनावी लाभ के लिए मां माटी मानुष का नारा देने के बावजूद, टीएमसी प्रशासन पश्चिम बंगाल में माताओं और बहनों का कल्याण सुनिश्चित करने में विफल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा राज्य में अपराधी प्रशासन के निर्णयों पर अनुचित प्रभाव डालते हैं।
मोदी ने कहा, पश्चिम बंगाल में हालात ऐसे हैं कि यह पुलिस नहीं, बल्कि अपराधी तय करते हैं कि उन्हें कब गिरफ्तार किया जाए।
उन्होंने संदेशखालि मामले के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख की गिरफ्तारी का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार नहीं चाहती थी कि संदेशखालि के अपराधी को गिरफ्तार किया जाए, लेकिन जब पश्चिम बंगाल की महिला शक्ति दुर्गा बनकर खड़ी हो गई और भाजपा कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हुए तो राज्य सरकार को झुकने पर मजबूर होना पड़ा।(भाषा)