सुशासन में सशक्त होती महिलाएं : आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं सारंगपुरी की मधु कंवर
Women are becoming empowered under good governance: Madhu Kanwar of Sarangpuri has become an example of self-reliance.
मजदूरी से शुरू हुआ सफर, आज “लखपति दीदी” के रूप में पहचान
धमतरी, मार्च 2026

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर समाज में नई पहचान स्थापित कर रही हैं। धमतरी जिले की सारंगपुरी पंचायत निवासी श्रीमती मधु कंवर इसकी एक प्रेरणादायी मिसाल हैं, जिन्हें आज क्षेत्र में लोग सम्मानपूर्वक “लखपति दीदी” के नाम से जानते हैं।
कभी आर्थिक तंगी के कारण दूसरों के खेतों में मजदूरी करने वाली मधु कंवर ने अपने संघर्ष, मेहनत और शासन की योजनाओं के सहयोग से जीवन की दिशा बदल दी। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया।
डिजिटल सेवा के जरिए गांव में ही मिल रही सुविधाएं
आज मधु कंवर अपने गांव में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का संचालन कर रही हैं। इस केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, आधार कार्ड अपडेट, श्रम कार्ड पंजीयन, आयुष्मान कार्ड, बिजली बिल भुगतान सहित विभिन्न ई-गवर्नेंस सेवाएं रियायती दरों पर उपलब्ध हो रही हैं।
इस पहल से ग्रामीणों को अब छोटी-छोटी शासकीय सेवाओं के लिए शहर नहीं जाना पड़ता। मधु को इस कार्य से प्रतिमाह लगभग 10 से 12 हजार रुपये की नियमित आय भी हो रही है, जिससे उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है।
आजीविका मिशन से मिला आत्मविश्वास
मधु कंवर ने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च चलाना भी कठिन हो गया था। इसी दौरान उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत “जय माँ कर्मा महिला स्व-सहायता समूह” से जुड़कर नई शुरुआत की।
समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने धान खरीदी-बिक्री, मशरूम उत्पादन और छोटे स्वरोजगार के कार्य शुरू किए। समूह के सहयोग से उन्हें ऋण की सुविधा भी मिली, जिससे उन्होंने अपने घर में ही कॉमन सर्विस सेंटर की स्थापना की। धीरे-धीरे यह केंद्र उनके आत्मनिर्भर बनने का मजबूत माध्यम बन गया।
समूह की महिलाओं के साथ बढ़ रहा स्वरोजगार
मधु कंवर के समूह की महिलाएं आज विभिन्न आयवर्धन गतिविधियों से जुड़ी हैं। इनमें मोमबत्ती निर्माण, केक बनाना, मशरूम उत्पादन, मछली पालन तथा बैंक सखी के रूप में कार्य करना शामिल है। इन गतिविधियों से महिलाओं की आय में वृद्धि हो रही है और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
आज मधु कंवर न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनके प्रयासों से गांव की अन्य महिलाएं भी स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
योजनाओं से निखर रही ग्रामीण प्रतिभाएं
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर मधु कंवर जैसी महिलाएं आज आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपने गांव के विकास में भी सक्रिय योगदान दे रही हैं।
मधु कंवर की सफलता यह संदेश देती है कि यदि अवसर, मार्गदर्शन और संकल्प साथ हो तो ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी अपने परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर सफलता की नई कहानी लिख सकती हैं।






