मुख्यमंत्री की पहल से बंजारी एवं फत्तेगंज ग्रामों में जल संकट हुआ समाप्त
Due to the initiative of the Chief Minister, the water crisis in Banjari and Fateganj villages ended
जल जीवन मिशन के माध्यम से 73 ग्रामीण परिवारों को घर पर नल से पेयजल उपलब्ध
रायपुर। राज्य शासन की प्राथमिकता वाली योजना जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम बंजारी एवं फत्तेगंज में पेयजल संकट का समाधान हुआ है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरूण साव के मार्गदर्शन में जल जीवन मिशन के अंतर्गत इन ग्रामों में पाइपलाइन विस्तार कार्य पूर्ण कर प्रत्येक घर में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
ग्राम पंचायत चारभाठा के आश्रित ग्राम बंजारी में 39 तथा फत्तेगंज में 34 परिवार निवासरत हैं, जहां पूर्व में पेयजल का एकमात्र स्रोत हैंडपंप ही था। गर्मी के मौसम में जलस्तर गिरने के कारण ग्रामीणों को पेयजल हेतु लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। विशेषकर महिलाओं को दैनिक उपयोग हेतु पानी लाने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिससे उनका अधिकांश समय पेयजल संग्रहण में व्यतीत होता था।
उक्त समस्या के स्थायी समाधान हेतु जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम बंजारी में 950 मीटर एवं फत्तेगंज में 750 मीटर पाइपलाइन बिछायी गई। सौर ऊर्जा आधारित पम्प प्रणाली के माध्यम से इन ग्रामों में 24 घंटे नियमित रूप से पर्याप्त मात्रा में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में ग्रामों को हर घर जल घोषित किया गया है। इस योजना से ग्रामीणों की दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव आया है। अब पेयजल व्यवस्था में लगने वाला समय अन्य रचनात्मक एवं आर्थिक गतिविधियों में उपयोग किया जा रहा है, जिससे उनकी उत्पादकता में वृद्धि हुई है तथा जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
ग्राम की निवासी श्रीमती निर्मला साहू एवं श्रीमती अंजू सिन्हा ने बताया कि पूर्व में पेयजल की व्यवस्था हेतु दिन का अधिकांश समय खर्च होता था, जिससे बच्चों की देखभाल एवं उनकी शिक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाती थीं। अब घर में ही नल से जल उपलब्ध होने से बच्चों को पढ़ाई के लिए अधिक समय मिलने लगा है, जिससे शैक्षणिक प्रगति भी हुई है।
जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्राम बंजारी एवं फत्तेगंज में न केवल पेयजल संकट का समाधान हुआ है, अपितु सामाजिक और शैक्षणिक विकास को भी गति मिली है।






