खाया-पिया और पैसे नहीं दिया, सरकारी दफ्तरों पर कुर्की की नौबत...

They ate and drank but did not pay, leading to seizure of government offices...

खाया-पिया और पैसे नहीं दिया, सरकारी दफ्तरों पर कुर्की की नौबत...

कवर्धा। बकाया भुगतान के एक पुराने मामले ने प्रशासन को मुश्किल में डाल दिया, जब न्यायालय के आदेश के बाद सरकारी कार्यालयों की कुर्की की कार्रवाई शुरू करनी पड़ी। हालांकि अंतिम समय में समझौते की पहल होने से फिलहाल कार्रवाई टल गई है।

मामला खाद्य विभाग द्वारा वर्षों से लंबित भुगतान से जुड़ा है। न्यायालय ने पहले ही वर्ष 2023 में भुगतान करने के निर्देश दिए थे और चेतावनी दी थी कि आदेश का पालन नहीं होने पर कुर्की की जाएगी। समय मिलने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर अब सख्त कदम उठाए गए।

कार्यालय का सामान जब्त करने की तैयारी
कार्रवाई के तहत खाद्य विभाग कार्यालय में कम्प्यूटर, टेबल, कुर्सी, पंखे, कूलर और अलमारी जैसे सामानों की सूची बनाकर जब्ती की प्रक्रिया शुरू की गई। इतना ही नहीं, कलेक्टर न्यायालय के फर्नीचर और उपकरण भी कुर्की की जद में आ गए। इससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया।

मौके पर पहुंचा रेस्टोरेंट संचालक
बकाया राशि के लिए संबंधित रेस्टोरेंट संचालक अपने वकील और न्यायालय कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचा। कार्रवाई के दौरान विभाग के अधिकारी मौजूद तो रहे, लेकिन मीडिया से दूरी बनाए रखी।

2019 से लंबित है भुगतान
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में भोरमदेव महोत्सव और अन्य आयोजनों के लिए भोजन सप्लाई का अनुबंध किया गया था, लेकिन पूरा भुगतान नहीं किया गया। अब करीब 4.61 लाख रुपये (ब्याज सहित) बकाया है।

लोक अदालत में समाधान की सहमति
स्थिति बिगड़ते देख विभाग ने 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में मामला सुलझाने की लिखित सहमति दे दी है। इसके बाद फिलहाल कुर्की की कार्रवाई रोक दी गई है।

प्रशासन पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने सरकारी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छोटे से भुगतान मामले के इतने लंबे समय तक लंबित रहने और कोर्ट के आदेश के बाद ही कार्रवाई होने से प्रशासन की कार्यशैली पर आलोचना हो रही है।