अवैध खनन पर राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर, अवैध खनन पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार

The State Government's zero tolerance policy on illegal mining has had an impact; the Mineral Department has launched a major crackdown on illegal mining.

अवैध खनन पर राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर, अवैध खनन पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार

मुरुम उत्खनन और अवैध रेत परिवहन में संलिप्त 9 वाहन जब्त, खनिज माफियाओं में हड़कंप

रायपुर,  जून 2026

अवैध खनन पर राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर, अवैध खनन पर खनिज विभाग का बड़ा प्रहार

राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के अवैध दोहन को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मुरुम उत्खनन और रेत परिवहन में संलिप्त कुल 9 वाहनों को जब्त किया है।

         कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर यह कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान सिवनी और मरवाही क्षेत्र में अवैध रूप से मुरुम उत्खनन किए जाने की सूचना पर खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। जांच में अवैध उत्खनन की पुष्टि होने पर 2 जेसीबी मशीन एवं 3 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया गया। सभी जब्त वाहनों को संबंधित पुलिस थानों में सुरक्षित रखा गया है।

         इसी प्रकार मरवाही, कोलबीरा एवं कोटमी क्षेत्र में अवैध रूप से रेत का परिवहन करते पाए जाने पर 4 ट्रैक्टर वाहनों को भी जब्त किया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सभी मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। वाहन मालिकों को नियमानुसार अर्थदंड जमा करने के बाद ही वाहनों की रिहाई की अनुमति दी जाएगी।

प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

         राज्य सरकार द्वारा खनिज संपदा को सार्वजनिक संपत्ति मानते हुए उसके संरक्षण और वैध उपयोग को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। अवैध उत्खनन और परिवहन न केवल शासन को राजस्व हानि पहुंचाते हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए भी गंभीर चुनौती उत्पन्न करते हैं। इसी कारण प्रदेश सरकार ने अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का स्पष्ट संदेश देते हुए लगातार निगरानी और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

           कलेक्टर ने अधिकारियों को जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने तथा दोषियों के विरुद्ध निरंतर और कठोर कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों का संरक्षण शासन की प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

खनिज माफियाओं में मचा हड़कंप

           खनिज विभाग की लगातार कार्रवाई से जिले में अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति है। जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी की जा रही है तथा शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इससे अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिल रही है।

अवैध खनन के विरुद्ध अभियान रहेगा जारी

        खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा राजस्व हितों की रक्षा के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि अवैध खनन संबंधी किसी भी गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

        राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और जिला प्रशासन की सक्रियता के चलते खनिज माफियाओं पर लगातार शिकंजा कस रहा है। कार्रवाई में सहायक खनि अधिकारी आदित्य मानकर, खनि निरीक्षक सुजीत कंवर, खनिज सिपाही शिवकुमार लहरे, नगर सैनिक सतीश साहू एवं साहिब गनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।