ऑफलाइन टोकन व्यवस्था से बुजुर्ग किसान को मिली राहत, सहज धान विक्रय से प्रसन्न किसान रूमलाल

The offline token system has brought relief to elderly farmers, and Roomlal is pleased with the smooth sale of paddy.

ऑफलाइन टोकन व्यवस्था से बुजुर्ग किसान को मिली राहत, सहज धान विक्रय से प्रसन्न किसान रूमलाल

धान खरीदी केन्द्र की सुगम व्यवस्थाओं की किसान ने की सराहना

रायपुर, 18 दिसम्बर 2025 राज्य शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत बुजुर्ग, बीमार एवं विशेष आवश्यकता वाले किसानों के लिए 30 प्रतिशत तक ऑफलाइन टोकन जारी करने की व्यवस्था किसानों के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध हो रही है। इसी व्यवस्था का लाभ उठाकर बालोद जिले के ग्राम अरौद के किसान श्री रूमलाल यादव ने सहजता से अपनी धान की बिक्री की और राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की।

       किसान श्री रूमलाल यादव ने बताया कि वे पढ़े-लिखे नहीं होने के कारण ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन प्राप्त करने में कठिनाई महसूस कर रहे थे। अपनी इस समस्या से उन्होंने धान खरीदी केन्द्र लाटाबोड़ के कर्मचारियों को अवगत कराया। किसानों की कठिनाइयों को गंभीरता से समझते हुए केन्द्र के प्रबंधक एवं कर्मचारियों द्वारा उन्हें ऑफलाइन टोकन की सुविधा उपलब्ध कराई गई।

       ऑफलाइन टोकन जारी होने के पश्चात किसान रूमलाल ने धान खरीदी केन्द्र लाटाबोड़ पहुंचकर कुल 152 क्विंटल मोटा धान की सफलतापूर्वक बिक्री की। उन्होंने बताया कि उनके पास कुल 7 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर खेती कर उनका परिवार आजीविका अर्जित करता है।

      श्री रूमलाल ने बताया कि पिछले वर्ष भी उन्होंने 152 क्विंटल धान की बिक्री की थी, जिससे उन्हें 4 लाख 71 हजार 200 रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। इस राशि का उपयोग उन्होंने किसान ऋण चुकाने, बच्चों की शिक्षा, उपचार तथा अन्य आवश्यक पारिवारिक जरूरतों में किया।

     किसान रूमलाल ने राज्य सरकार द्वारा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी को किसानों के हित में लिया गया एक अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं लाभकारी निर्णय बताया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में उपलब्ध शौचालय, शुद्ध पेयजल, छांव एवं सुव्यवस्थित तौल जैसी सुविधाओं की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की संवेदनशील और किसान हितैषी नीतियों के कारण आज हम सभी किसान बिना किसी परेशानी के, सम्मानपूर्वक और सहज रूप से अपनी उपज का विक्रय कर पा रहे हैं।