राममिलन को मिली नई किसान किताब, खेती-किसानी का कार्य हुए आसान
Rammilan receives new farmer's book, making farming easier
सुशासन मॉडल से गांवों में त्वरित समाधान की मजबूत हुई व्यवस्था
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्रशासन की तत्परता से शिविर में ही दूर हुई किसान की वर्षों पुरानी परेशानी
रायपुर, 20 मई 2026
प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार आम नागरिकों के लिए राहत और भरोसे का माध्यम बनता जा रहा है। शासन की इस जनहितकारी पहल के चलते अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है। इसी का एक प्रेरणादायी उदाहरण गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड अंतर्गत ग्राम धुम्माटोला में देखने को मिला, जहां किसान राममिलन को सुशासन तिहार के माध्यम से नई किसान किताब प्राप्त हुई।
खेती-किसानी केवल खेतों तक सीमित नहीं होती, बल्कि उससे जुड़े दस्तावेज भी किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ग्राम धुम्माटोला निवासी राममिलन की किसान किताब पूरी तरह फटकर खराब हो चुकी थी। किसान किताब खराब होने के कारण उन्हें राजस्व एवं कृषि संबंधी कार्यों में लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बैंकिंग कार्य, भूमि संबंधी दस्तावेजी प्रक्रिया और कृषि योजनाओं का लाभ लेने में भी उन्हें कठिनाई हो रही थी। समस्या बढ़ने पर राममिलन ने सुशासन तिहार के तहत उषाड़ में आयोजित समाधान शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होते ही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्रशासन और राजस्व विभाग ने संवेदनशीलता एवं तत्परता दिखाते हुए आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी की तथा राममिलन को किसान किताब की द्वितीय प्रति उपलब्ध करा दी।
नई किसान किताब हाथ में मिलते ही राममिलन के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ झलक उठा। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें लग रहा था कि नई किसान किताब बनवाने में काफी समय लगेगा, लेकिन सुशासन तिहार के कारण उनकी समस्या का समाधान बहुत जल्दी हो गया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राजस्व विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की यह पहल ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। राममिलन ने कहा कि अब ग्रामीण स्तर पर ही समस्याओं का समाधान तेजी से होने लगा है, जिससे लोगों का शासन और प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब प्रशासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका समाधान कर रहा है।
सुशासन तिहार के माध्यम से राज्य सरकार ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण, पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला प्रशासन द्वारा शिविरों के माध्यम से राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, बिजली, सड़क, कृषि और अन्य जनसमस्याओं का निराकरण प्राथमिकता से किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा जनता और प्रशासन के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करना है। सुशासन तिहार इसी सोच का प्रभावी उदाहरण बनकर उभर रहा है, जहां आम लोगों की समस्याओं का समाधान अब ग्रामीण स्तर पर ही तेजी और संवेदनशीलता के साथ किया जा रहा है।






