पुष्पा ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

Pushpa wrote a new story of self-reliance

पुष्पा ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

स्व-सहायता समूह से जुड़कर बनीं लखपति दीदी

रायपुर,  अप्रैल 2026

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन “बिहान” स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है। यह मिशन महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और आजीविका के अवसर प्रदान कर अधिक से अधिक परिवारों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना और गरीबी कम करना है।
       गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला के गौरेला विकासखंड के लालपुर पंचायत की श्रीमती पुष्पा बाई पुरी आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। उनकी कहानी साबित करती है कि बुलंद हौसले से सीमित संसाधनों से भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले पुष्पा बाई केवल सिलाई का कार्य करती थीं। सीमित आमदनी से परिवार की जरूरतें पूरी करनी मुश्किल थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 
       निहारिका महिला स्व-सहायता समूह, लालपुर से जुड़ने के बाद उनके जीवन में नया मोड़ आया। समूह के सहयोग और सीआईएफ से मिली राशि से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी। फिर बैंक लोन की मदद से काम का विस्तार किया। पुष्पा बाई ने अपनी मेहनत और समझदारी से चाट-गुपचुप का ठेला, प्रिंटर मशीन, किराना स्टोर और भोजनालय जैसे छोटे व्यवसाय शुरू किए। इनसे उनकी आय नई ऊंचाइयों तक पहुंच गई। आज उनकी मासिक आय 20 से 25 हजार रुपए है। अब वे न सिर्फ अपने परिवार को बेहतर जीवन दे रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। इस सफलता के लिए पुष्पा बाई ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद किया। उनका मानना है कि सरकारी योजनाओं और समूह की मदद से ही यह संभव हो पाया।