बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन हेतु ‘पैन-इंडिया बचाव एवं पुनर्वास अभियान’ संचालित

Pan-India Rescue and Rehabilitation Campaign launched to eradicate child and adolescent labour

बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन हेतु ‘पैन-इंडिया बचाव एवं पुनर्वास अभियान’ संचालित

दंतेवाड़ा, 16 मार्च 2026 राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देशानुसार जिले में बाल एवं किशोर श्रम उन्मूलन के लिए पैन-इंडिया बचाव एवं पुनर्वास अभियान संचालित किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक यह अभियान चलाया जा रहा है।
कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशानुसार एवं अपर कलेक्टर श्री राजेश कुमार पात्रे की अध्यक्षता में जिला स्तरीय दल का गठन किया गया है। इस दल द्वारा जिले में स्थित छोटे एवं बड़े प्रतिष्ठानों जैसे कारखानों, ढाबों, उद्योगों, होटलों, दुकानों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों तथा संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों, खदानों सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर श्रम में लगे बच्चों और किशोरों को चिन्हित कर किशोर न्याय अधिनियम 2015 तथा बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अनुसार बचाव और पुनर्वास की कार्यवाही की जा रही है।
इसी क्रम में गठित दल द्वारा 12 मार्च 2026 को कुआकोंडा क्षेत्र में संचालित होटलों, दुकानों तथा ईंट-भट्ठों के निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एक बालक होटल में किशोर श्रम में नियोजित पाया गया। दल द्वारा बालक को संरक्षण में लेते हुए उसके सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखकर आगे की कार्यवाही हेतु बाल कल्याण समिति दंतेवाड़ा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिला प्रशासन द्वारा लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जनपद पंचायत तथा सभी निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि किसी भी कार्य में बाल श्रमिक या किशोर श्रमिक को नियोजित न किया जाए। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं बाल श्रम या किशोर श्रम की जानकारी मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112, श्रम विभाग अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचित करें, ताकि त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।