धर्मांतरण और मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार ननों को मिली जमानत
Nuns arrested on charges of conversion and human trafficking got bail
एनआईए कोर्ट ने 50-50 हजार के बॉन्ड पर दी रिहाई
बिलासपुर। धर्मांतरण और मानव तस्करी के गंभीर आरोपों में दुर्ग से गिरफ्तार की गईं दो ननों को शनिवार को एनआईए कोर्ट, बिलासपुर से 50-50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिल गई है। मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज थी, जिसे कोर्ट के फैसले के बाद फिलहाल राहत मिली है।
गौरतलब है कि इन दोनों ननों को नारायणपुर जिले की दो नाबालिग लड़कियों के साथ दुर्ग से पकड़ा गया था। उनके खिलाफ धर्मांतरण कराने और मानव तस्करी के आरोप लगे थे। मामले ने राज्य ही नहीं, राष्ट्रीय स्तर की सियासत को भी प्रभावित किया।
फैसला शुक्रवार को रखा गया था सुरक्षित
शुक्रवार को ननों को एनआईए कोर्ट में पेश किया गया था, जहां सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शनिवार को सुनवाई में जज ने दोनों ननों को जमानत देने का आदेश जारी किया।
राजनीति गरमाई, कांग्रेस का प्रदर्शन
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने संसद तक विरोध जताया। इंडिया गठबंधन के कई सांसद दुर्ग जेल पहुंचकर ननों से मिले और भाजपा सरकार पर धार्मिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ कहा था कि राज्य में धर्मांतरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल, कोर्ट के फैसले से ननों को राहत मिली है, लेकिन मामले की जांच जारी है और सियासी गर्मी अभी थमी नहीं है। अब निगाहें इस केस की अगली सुनवाई और पुलिस की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।






