छत्तीसगढ़ की धरती में कण-कण में प्रभु श्रीराम का वास : विष्णुदेव साय

Lord Shri Ram resides in every particle of Chhattisgarh's land: Vishnudev Sai

छत्तीसगढ़ की धरती में कण-कण में प्रभु श्रीराम का वास : विष्णुदेव साय

जांजगीर-चाम्पा जिले में 183 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की धरती में कण-कण में प्रभु श्रीराम का वास है। हमारे यहां छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहा जाने वाला राजिम है और छत्तीसगढ़ का काशी कहा जाने वाला खरौद भी है। मेरा सौभाग्य था कि जांजगीर-चांपा जिले में माता शबरी की पुण्यभूमि शिवरीनारायण से हम सभी ने भगवान श्रीरामलला के प्राणप्रतिष्ठा का कार्यक्रम देखा। 22 जनवरी को अयोध्या धाम में भगवान श्रीरामलला की प्राणप्रतिष्ठा के एक वर्ष हो जाएंगे। यह तिथि हम सबके लिए सांस्कृतिक गौरव के सबसे बड़े दिनों में से है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान श्रीरामलला की प्राणप्रतिष्ठा की तो यह हम सबके लिए बेहद भावुक क्षण था। मोदी जी ने इस अवसर पर दिये अपने संबोधन में माता शबरी को भी नमन किया। भगवान श्रीराम से माता शबरी का स्नेह हम सबको भावविभोर कर देता है। मुख्यमंत्री साय ने जांजगीर चांपा जिले में आयोजित लोकार्पण-भूमिपूजन समारोह को सम्बोधित करते हुए यह बात कही।  
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अंचल में निराकार राम की उपासना करने वाले रामनामी समुदाय के लोग भी रहते हैं। जिन्होंने अपने रोम रोम में राम को बसाया है। उन्हें भी प्रधानमंत्री जी ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित किया था। अयोध्या धाम में श्रीरामलला की प्राणप्रतिष्ठा के बाद जब मैं मंत्रिमंडल सहित रामलला के दर्शन करने पहुंचा तब शिवरीनारायण के बेर भी भेंट किये। हमने श्रीरामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना आरंभ की है, इसके माध्यम से अब तक प्रदेश के 20 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम, काशीधाम के दर्शन कर चुके हैं


मुख्यमंत्री साय ने जांजगीर के शासकीय हाई स्कूल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में नवविवाहित 57 जोड़ों को नए दाम्पत्य जीवन में प्रवेश के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस अवसर पर 183.41 करोड़ रूपए की लागत के 285 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 118.39 करोड़ की लागत के 112 कार्यों का भूमिपूजन एवं 65.02 करोड़ के 173 कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं। कार्यक्रम में इन्डस सॉफ्ट कंपनी प्रोजेक्ट संचार अंतर्गत सिद्ध के आईटीआई के साथ निशुल्क टेलीकॉम प्रारंभ करने, आईसीआईसीआई मिशन डीजी सक्षम अंतर्गत 10 शासकीय स्कूलों में निशुल्क कंप्यूटर स्थापना और मेसन ट्रेनिंग हेतु नया ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने हेतु ओएमयू किया गया। कार्यक्रम में जिले के पर्यटन कैलेंडर, प्रोजेक्ट सक्षम, बिहान समूहों के उत्पाद के लिए ब्रांड नेम बहिनी का विमोचन किया गया।


मुख्यमंत्री कहा कि जांजगीर-चाम्पा जिले की ऐतिहासिक पहचान है। माता शबरी ने भगवान राम को जूठे बेर खिलाये। इस जिले में अधिकांश क्षेत्र सिंचाई सुविधाओं से सम्पन्न है। यहाँ सर्वाधिक धान का उत्पादन होता है। यह खुशी की बात है कि यहाँ के किसानों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है। श्रद्धेय अटल जी छत्तीसगढ़ के निर्माता हैं और उनके छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बेहतर योजनाओं के साथ सुशासन की दिशा में काम कर रही है और इसके लिए हम वचनबद्ध है। हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टोरलेन्स की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रहे हैं। 13 लाख से अधिक किसानों के दो साल का बकाया धान बोनस राशि 3716 करोड़ का भुगतान भी किया है और महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए उनके खाते में दी जा रही है। हाल ही में महिलाओं को ग्यारहवीं किश्त दी गई है। आदिवासियों के आमदनी का मुख्य जरिया तेंदूपत्ता की पारिश्रमिक दर 4 हजार से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये किया है।

कार्यक्रम को लोकसभा क्षेत्र जांजगीर चांपा के सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर विधायक ब्यास कश्यप, राघवेन्द्र कुमार सिंह, श्रीमती शेषराज हरबंश, बालेश्वर साहू, सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं आम नागरिक उपस्थित थे।