कोरबा निगम के नवनिर्वाचित सभापति नूतन ठाकुर बीजेपी से निष्कासित

Korba Corporation's newly elected chairperson Nutan Thakur expelled from BJP

कोरबा निगम के नवनिर्वाचित सभापति नूतन ठाकुर बीजेपी से निष्कासित

रायपुर। छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अनुशासनहीनता के गंभीर मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए कोरबा नगर निगम के नवनिर्वाचित सभापति नूतन सिंह ठाकुर को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। ठाकुर ने पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी हितानंद अग्रवाल के खिलाफ बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी।

बीजेपी को स्पष्ट बहुमत, फिर भी बगावत
कोरबा नगर निगम चुनाव में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिला था, जहां पार्टी का महापौर भी निर्वाचित हुआ। इसके बाद सभापति पद के लिए बीजेपी ने हितानंद अग्रवाल को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन नूतन सिंह ठाकुर ने पार्टी के फैसले के खिलाफ जाकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरने का फैसला किया।

पार्टी में गहराया आंतरिक मतभेद
बीजेपी के डिप्टी सीएम अरुण साव के करीबी माने जाने वाले हितानंद अग्रवाल की उम्मीदवारी का कोरबा के कई बीजेपी नेताओं ने विरोध किया। उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन और विकास महतो ने ठाकुर का समर्थन किया, जिससे पार्टी के भीतर गुटबाजी और खींचतान बढ़ गई। चुनाव के बाद लखनलाल देवांगन ने नूतन सिंह ठाकुर की जीत को बीजेपी की जीत बताते हुए उन्हें सार्वजनिक रूप से बधाई भी दी, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए सख्त कदम उठाया और ठाकुर को निष्कासित कर दिया।

पार्टी नेतृत्व का कड़ा रुख
चुनाव से पहले पार्टी के पर्यवेक्षक पुरेंद्र मिश्रा की देखरेख में बंद कमरे में कई बैठकें हुईं। संगठन ने हितानंद अग्रवाल के नाम पर सहमति बनाने की कोशिश की, लेकिन नूतन सिंह ठाकुर ने बागी रुख अपनाते हुए चुनाव लड़ा और पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार को हराकर सभापति बने।

बीजेपी ने इस निष्कासन के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है। संगठन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी लाइन से हटने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की अनुशासनहीनता को रोका जा सके।