सुशासन तिहार: श्रम कार्ड बनने से श्रमिकों के चेहरे खिले

Good governance festival: Workers' faces lit up after labour cards were made

सुशासन तिहार: श्रम कार्ड बनने से श्रमिकों के चेहरे खिले

श्रमिकों को अब शीघ्रता से मिलेगा श्रमिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ

बिलासपुर। सुशासन तिहार में आवेदन करने पर श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों का कार्ड त्वरित रूप से बनाया गया, एक आवेदन पर श्रम कार्ड मिलने से श्रमिकों के चेहरे खिल गए हैं,कोटा की महिला श्रमिकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस संवेदनशील पहल के लिए उनका आभार जताया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा आम लोगों की समस्याओं के त्वरित निराकरण की पहल सुशासन तिहार में लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। सुशासन तिहार में आवेदन करने पर कोटा ब्लॉक की ग्राम कलमीटार निवासी महिला श्रमिक मालती रजक और सोनिया निर्मलकर को सुशासन तिहार में श्रम कार्ड के लिए आवेदन करने पर विभाग द्वारा शीघ्र ही संज्ञान लिया गया और उन्हें कार्ड बनाकर दिया गया। उन्होंने बताया कि श्रम कार्ड बनवाने के लिए वे काफी समय से प्रयासरत थे लेकिन प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण उनका कार्ड नहीं बन पा रहा था, ग्राम पंचायत के माध्यम से सुशासन तिहार के विषय में जानकारी मिलने पर उन्होंने पेटी में अपना आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि आवेदन देने के कुछ ही दिन के पश्चात उन्हें विभाग द्वारा कार्ड बनने की सूचना मिली और उन्हें कार्ड दिया गया। मालती रजक कहती है कि हम जैसे श्रमिक परिवारों के लिए श्रम कार्ड इस बड़ा सहारा है जिसके माध्यम से हमें सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।

इसी तरह मस्तूरी ब्लॉक के श्रमिक कृष्णा ठाकुर, आनंद पाटनवार, आयुष पाटनवार, रामकली कुर्रे ने भी सुशासन तिहार में आवेदन दिया था जिस पर त्वरित रूप से निराकरण की कार्यवाही करते हुए विभाग द्वारा उन्हें श्रम कार्ड प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि श्रम कार्ड बनने से श्रमिकों को शासन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है जिसमें 1.2 लाख रुपये तक का बीमा कवर, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत,दुर्घटना में मृत्यु पर 2 लाख रूपए, आंशिक विकलांगता पर 1 लाख रूपए का बीमा लाभ मिलता है। इससे श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है जैसे पीएम आवास योजना, उज्जवला योजना, राशन कार्ड आदि का लाभ आसानी से मिल सकता है। श्रमिकों को भविष्य में पेंशन स्कीम से जुड़ने का मौका भी इस माध्यम से मिल सकता है उन्हें पीएम श्रम योगी मानधन योजना के तहत रिटायरमेंट के बाद 3 हजार रूपए तक की पेंशन राशि का लाभ दिया जाता है। श्रमिक कार्ड बनने से श्रमिको के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ जाते हैं साथ ही उनके बच्चों को भी विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलता है।