’सुशासन तिहार 2026’ : ’स्वामित्व योजना से रूपचंद एवं देवलाल के वर्षों की मुराद हुई पूरी’
'Good Governance Festival 2026': 'The Swamitva Yojana has fulfilled the long-cherished wishes of Roopchand and Devlal'
’अधिकार अभिलेख मिलने से ग्रामीणों को मिला जमीन का वैधानिक मालिकाना हक’
’अब बैंक ऋण एवं वित्तीय सुविधाओं का आसानी से ले सकेंगे लाभ’
रायपुर, 19 मई 2026
सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। राजनांदगांव जिला के छुरिया विकासखंड के दूरस्थ ग्राम साल्हे में आयोजित शिविर का दिन ग्राम लालुटोला निवासी रूपचंद गोड़ एवं ग्राम ऊचांईपुर निवासी देवलाल ठेठवार के लिए खुशियों से भरा रहा। स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख प्राप्त होने से दोनों हितग्राहियों को अपनी जमीन का वैधानिक मालिकाना हक प्राप्त हुआ, जिससे उनके चेहरे पर प्रसन्नता साफ झलकने लगी।
सामाजिक न्याय एवं ग्रामीण सशक्तिकरण की दिशा में शासन की स्वामित्व योजना नए आयाम स्थापित कर रही है। योजना के अंतर्गत ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग करते हुए ग्रामीण आबादी क्षेत्र का सर्वे एवं मैपिंग कर भू-स्वामियों को अधिकार अभिलेख प्रदान किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा की भावना मजबूत हो रही है।
रूपचंद गोड़ ने बताया कि उन्हें जीवन में पहली बार अपनी जमीन का अधिकार अभिलेख प्राप्त हुआ है, जिससे उनके परिवार में अत्यंत खुशी का वातावरण है। उन्होंने कहा कि अब यह दस्तावेज उनके लिए प्रमाण के रूप में कार्य करेगा और बैंक से आसानी से ऋण प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। पहले जमीन संबंधी कार्यों एवं ऋण प्राप्त करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब उनकी समस्या का समाधान हो गया है।
इसी प्रकार देवलाल ठेठवार ने कहा कि अधिकार अभिलेख प्राप्त होने से उनके जीवन का तनाव दूर हुआ है तथा आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने बताया कि पहले बैंक से ऋण प्राप्त नहीं हो पाता था, लेकिन अब वे मकान निर्माण सहित अन्य आवश्यकताओं के लिए आसानी से ऋण ले सकेंगे। उन्होंने सुशासन तिहार शिविरों की सराहना करते हुए कहा कि इन शिविरों में सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया जा रहा है तथा आमजनों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा ड्रोन तकनीक के माध्यम से ग्रामीण आबादी क्षेत्र में भूमि खंडों के सर्वेक्षण के लिए स्वामित्व योजना लागू की गई है। योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत गृहस्वामियों को अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपनी संपत्ति का उपयोग वित्तीय संपत्ति के रूप में कर बैंक ऋण एवं अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
योजना के तहत व्यक्तिगत संपत्तियों के अलावा ग्राम पंचायत एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों जैसे सड़क, तालाब, नहर, स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों का भी सर्वेक्षण कर अभिलेख एवं मानचित्र तैयार किए जा रहे हैं। इनका उपयोग ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार करने में भी किया जाएगा। राजनांदगांव जिले में अब तक स्वामित्व योजना अंतर्गत 23 ग्रामों में 1347 अधिकार अभिलेख वितरित किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीणों में सुरक्षा, विश्वास एवं आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है।






