पहले पैसे उधार लेता था, फिर गंगाजल में साइनाइड मिलाकर मार डालता था… छत्तीसगढ़ में पकड़ाया सीरियल किलर तांत्रिक

First he used to borrow money, then he used to kill people by mixing cyanide in Gangajal… Serial killer tantrik caught in Chhattisgarh

पहले पैसे उधार लेता था, फिर गंगाजल में साइनाइड मिलाकर मार डालता था… छत्तीसगढ़ में पकड़ाया सीरियल किलर तांत्रिक

 रायपुर। पैसे नहीं लौटाने की मंशा से कथित तांत्रिक दुर्ग धनोरा के सुखवंत साहू उर्फ सुखु ने सात दिनों के भीतर दो युवकों की गंगाजल में साइनाइड मिलाकर हत्या कर दी। इसके बाद हत्याओं के राजफाश न करने की एवज में पैसों की मांग करने वाले धमतरी के एक और युवक की भी पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी।

धमतरी में हुई हत्या के मामले में आरोपी जेल में बंद है। उसके और मृतकों के मोबाइल काल डिटेल और बैंक खातों में हुए लेनदेन के बाद हत्याओं का राजफाश हुआ है।

आरोपित युवक ने पुलिस को बताया है कि उसे साइनाइड के प्रयोग से हत्या करने की जानकारी सावधान इंडिया नाम के धारावाहिक से मिली थी। साइनाइड की व्यवस्था उसने ऑनलाइन की थी।

तांत्रिक के तीन मर्डर की कहानी

पहला - पैसे की मांग की तो कर दी हत्या: नवा रायपुर निवासी हंसराम साहू (60) रिटायर कर्मी थे। डेढ़ साल पहले भिलाई के एक युवक के माध्यम से कंप्यूटर संचालक सुखवंत के संपर्क में आया। सुखवंत ने उसे झांसा दिया कि वह नोटों की बारिश कराता है।

हंसराम झांसे में आ गया और डेढ़ लाख रुपये दे दिए, लेकिन डेढ़ वर्ष तक पैसे नहीं मिले, जब हंसराम पैसे वापस मांगने लगा तो वह 27 नवंबर 2024 को बीरेंद्र के साथ हंसराम के घर गया। वहां पूजा के दौरान गंगाजल में साइनाइड मिलाकर उसे मार डाला।

दूसरा - पूजा कराने बुलाया तो दे दिया साइनाइड: 29 नवंबर 2024 को हंसराज की तरह ही सुखवंत ने अभनपुर निवासी नरेंद्र साहू (37) से पूजा के लिए डेढ़ लाख रुपये लिया था। नरेंद्र जब पैसे को वापस देने की मांग करने लगा।

हंसराज की हत्या के बाद सुखवंत ने नरेंद्र को फोन लगाया। उसे संकरी नर्सरी के पास रात में बुलाया, जहां पूजा का सामान लेकर नरेंद्र पहुंचा। बीरेंद्र बाइक पर बैठा रहा। सुखवंत पूजा कराने खेत में आया। पूजा करने के बाद सुखवंत ने नरेंद्र को साइनाइड वाला गंगाजल दे दिया। सुबह नरेंद्र का शव मिला।

तीसरा - सबूत मिटने के लिए पैसे मांगने पर दोस्त को ही मार डाला : तीन दिसंबर 2024 को गंगरेल रोड पर बीरेंद्र देवांगन (55) शव मिला था। चेहरे को कुचल दिया गया था, ताकि पहचान न हो सके। तकनीकी जांच में सुखवंत साहू उर्फ सुखू का नंबर लिया। जांच में राजफाश हुआ कि इससे पहले भी दो लोगों की हुई हत्याओं में भी सुखवंत का हाथ था। बीरेंद्र से उसकी पुरानी पहचान थी। दोनों तंत्र पूजा करते थे।