छग राज्य बनने के बाद भी छग में हो रही है लोक कलाकारों की उपेक्षा

Even after the formation of Chhattisgarh state, folk artists are being neglected in Chhattisgarh

छग राज्य बनने के बाद भी छग में हो रही है लोक कलाकारों की उपेक्षा

भिलाई। छत्तीसगढ़ कलाकार विकास संघ संस्थापक प्रदेश अध्यक्ष व सुप्रसिद्ध लोक कलाकार नवल दास मानिकपुरी और कबीरधाम के जिला अध्यक्ष व गीतकार-संगीतकार सनी पांडेय ने प्रदेश में लोक कलाकारों की उपेक्षा का आरोप लगाया है।  मानिकपुरी और पांडेय ने जारी बयान में कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में सभी विधा के अनगिनत प्रतिभावान लोक कलाकार हैं लेकिन लोक कलाकारों की पूछपरख नहीं हो रही है।

ज्यादातर लोक कलाकार आज भी शोषित पीडि़त उपेक्षित जीवन जीने के लिए कलाकार मजबूर हैं। छत्तीसगढ़ राज्य को बने 24 साल होने जा रहा है इस दरम्यान कांग्रेस भाजपा दोनों पार्टी की सरकार बनी लेकिन कलाकारों की सुध किसी ने नहीं ली।  नवल दास मानिकपुरी ने कहा कि वह खुद लम्बे समय से कलाकारों की पीड़ा से सरकार को अवगत कराते आ रहे हैं और आज भी कलाकारों के उत्थान के लिए संगठन तैयार कर सभी जिला के सभी विधाओं के कलाकारों को संघ से जोड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सभी कलाकार एक मंच में आकर एक साथ एक परिवार की तरह रहेंगे और कलाकारों का जो वाजिब हक है उस हक को पाने के लिए एक होकर सरकार से मांग करेंगे। पदाधिकारी द्वय ने राज्य सरकार से मांग की है कि शासकीय आयोजनों में उन्हें भी अवसर दिया जाए। जिससे कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार सके। एक अन्य जानकारी में प्रदेश अध्यक्ष नवल दास मानिकपुरी ने बताया कि उनके संगठन का विस्तार लगातार जारी है। जिसमें कबीरधाम के जिला अध्यक्ष सनी पांडेय के साथ संतोष साहू उपाध्यक्ष, अलखा राम साहू कोषाध्यक्ष, रामकृपाल सिरश्याम जिला संयोजक, पुष्पेंद्र पांडेय सचिव, रफीक खान सह सचिव और संदीप यादव महामंत्री के रूप में नियुक्त हुए हैं।