विकसित कृषि संकल्प अभियान 05 मई से 20 मई तक, जिले में होंगे कुल 144 कार्यक्रम

Developed Agriculture Resolution Campaign from May 5 to May 20, a total of 144 programs will be held in the district.

विकसित कृषि संकल्प अभियान 05 मई से 20 मई तक, जिले में होंगे कुल 144 कार्यक्रम

सूरजपुर/01 मई 2026
   कृषि मंत्री छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार व कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले के समस्त विकास खंडों में 05 मई 2026 से 20 मई 2026 तक ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान‘ चलाया जाएगा। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड में 2-2 टीमों का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से जिले में कुल 144 कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
विशेषज्ञों की टीम पहुंचेगी गांव-गांव:-
गठित टीम में कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी एवं मत्स्य विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा प्रगतिशील किसान, कृषि उद्यमी, लखपति दीदी, एफपीओ एवं एफआईजी के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। यह टीम अभियान के दौरान प्रतिदिन 1-1 चिन्हांकित ग्राम पंचायत में पहुंचकर कृषि-वैज्ञानिक परिचर्चा के माध्यम से खरीफ पूर्व कृषि कार्य की तैयारी हेतु किसानों को तकनीकी सलाह एवं सुझाव देगी।
अभियान के मुख्य उद्देश्य:-
अभियान का मुख्य उद्देश्य खरीफ मौसम की प्रमुख फसलों से संबंधित आधुनिक तकनीकी के प्रति किसानों को जागरूक करना तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं नीतियों की जानकारी उन तक पहुंचाना है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड (आईसीटी) में फसलवार अनुशंसित मात्रा अनुसार संतुलित उर्वरक के उपयोग हेतु किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही किसानों से फीडबैक लेकर उनके नवाचारों ( फारमर्स इन्नोवेसंस) के संबंध में वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त की जाएगी, जिससे आगामी अनुसंधान की दिशा निर्धारित की जा सके।
चर्चा के प्रमुख विषय:-
अभियान के दौरान उन्नत तकनीक एवं नई किस्मों, प्राकृतिक खेती तथा जैविक खेती को अपनाने, मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए जैविक खाद एवं जैव उर्वरक के उपयोग पर विशेष चर्चा होगी। संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ई-उर्वरक (टोकन प्रणाली) आधारित वितरण व्यवस्था का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। डीएपी के विकल्प के रूप में 12ः32ः16, 20ः20ः13 एवं एसएसपी जैसे अन्य रासायनिक उर्वरकों के उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी। हरी खाद, जैव उर्वरक, नीलहरित काई एवं केंचुआ खाद के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा।
कृषि ड्रोन एवं आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन:-
कृषि विज्ञान केंद्र, आईसीएआर संस्थान एवं इफको द्वारा कृषि ड्रोन के माध्यम से तरल उर्वरक छिड़काव का प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। धान की कतार बोनी (लाइन सोविंग), डीएसआर मशीन से बोनी, पैडी ट्रांसप्लांटर से धान की रोपाई एवं सोयाबीन फसल में रिज एंड फरो प्रणाली, बीबीएफ जैसी उन्नत तकनीकों का प्रसार भी किया जाएगा। किसानों के बीच जागरूकता लाने के लिए सूचना एवं प्रसार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का व्यापक उपयोग होगा।
योजनाओं की जानकारी एवं हितग्राही मूलक कार्य:-
अभियान के अंतर्गत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, आत्मनिर्भर दलहन एवं तिलहन मिशन, ऑयल पाम मिशन, ऑयल सीड्स मिशन तथा फसल चक्र परिवर्तन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत समीपस्थ लोक सेवा केंद्र के माध्यम से निःशुल्क फार्मर आईडी तैयार करने की जानकारी दी जाएगी। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, सेल्फ रजिस्ट्रेशन एवं फिजिकल वेरिफिकेशन का कार्य किया जाएगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्षतिपूर्ति प्रावधानों से भी कृषकों को अवगत कराया जाएगा।
सिंचाई, पराली प्रबंधन एवं अन्य विषय:-
सिंचाई संसाधनों के समुचित उपयोग हेतु ड्रिप एवं स्प्रिंकलर तकनीक तथा जल संरक्षण-संवर्धन की जानकारी दी जाएगी। बीज, उर्वरक एवं अन्य आदान सामग्रियों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित कर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किसानों को वितरण किया जाएगा। पराली जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा तथा पराली प्रबंधन हेतु उपयोगी यंत्र मल्चर का प्रदर्शन भी किया जाएगा। क्षेत्र विशेष में मखाना एवं सिंघाड़ा जैसी फसलों के उत्पादन हेतु भी किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।