कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने बस्तर एवं तोकापाल ब्लॉक के स्कूलों में समर कैंप का लिया जायजा

Commissioner Bastar Shri Doman Singh inspected the summer camp in the schools of Bastar and Tokapal blocks

कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने बस्तर एवं तोकापाल ब्लॉक के स्कूलों में समर कैंप का लिया जायजा

बच्चों में अपनी जड़ों के प्रति सम्मान और समझ बढ़ाने करें सकारात्मक प्रयास-कमिश्नर श्री डोमन सिंह

जगदलपुर, 20 मई 2025 कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह ने मंगलवार को बस्तर जिले के बस्तर एवं तोकापाल ब्लॉक के कुड़कानार एवं धरमाउर स्कूलों में आयोजित समर कैंप का जायजा लिया और बच्चों के द्वारा बनाए गए पेंटिंग्स, खिलौने, रंगोली इत्यादि का बारीकी से अवलोकन कर इन बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस मौके पर बच्चों ने कविता, देशभक्ति गीत, कहानी भी सुनाया। इस दौरान कमिश्नर ने स्कूली बच्चों को स्थानीय परिवेश के मुताबिक सीखने-समझने तथा सृजन प्रतिभा को निखारने के लिए शिक्षकों को समझाइश देते हुए कहा कि समर कैंप गर्मी की छुट्टियों में स्कूली बच्चों के लिए कुछ नया और सार्थक सीखने का सुनहरा मौका है। समर कैंप में खासतौर पर स्थानीय परिवेश और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए बच्चों को अपने आसपास के सामाजिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहलुओं को करीब से जानने और समझने का अवसर प्रदान करें। बच्चों में अपनी जड़ों के प्रति सम्मान और समझ बढ़े, इस दिशा में बच्चों को अपने परिवार के वंशावली के बारे में जानने के लिए प्रोत्साहित कर पिता, दादा, परदादा के नाम उल्लेखित कर वंशवृक्ष बनाने के लिए कहें। जिससे बच्चों की जिज्ञासा बढ़े और वे स्वयं के परिवार सहित ननिहाल के बारे में भी जानने के लिए प्रेरित हो सकें। इन बच्चों को गांव के इतिहास, भौगोलिक स्थिति एवं विशेषताओं सहित गांव में उपयोग की जाने वाली बैलगाड़ी, सायकिल, कृषि के यंत्र, घरेलू उपयोग की सामग्री, ग्रामीण त्यौहार एवं पर्व इत्यादि के सम्बंध में भी जानने-समझने के लिए अभिप्रेरित करें।
      कमिश्नर ने कहा कि समर कैंप में बच्चों को पारंपरिक खेल, लोककला, स्थानीय बोली-भाषा, लोक गीत, लोक नृत्य, हस्तशिल्प, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय खानपान से संबंधित गतिविधियों में शामिल करें। इसके साथ ही उन्हें स्थानीय स्वतंत्रता सेनानी, वीर-वीरांगनाओं, धरोहर, परंपराएं और प्रमुख व्यक्तियों के बारे में भी अवगत होने का अवसर प्रदान किया जाए।

बच्चों ने दिखाई सृजनात्मक एवं रचनात्मक हुनर

        समर कैंप में शिक्षक-शिक्षिकाओं की देखरेख में बच्चों ने मिट्टी के खिलौने बनाना, लोकगीत-देशभक्ति गीत गाना, पेंटिंग्स बनाना और जैव विविधता को समझने जैसे रोचक सत्रों में भाग लिया। इससे न केवल उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिला, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान और सामाजिक जुड़ाव की भावना भी विकसित हुई। कमिश्नर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के समर कैंप बच्चों को किताबों से परे जाकर जीवन से जुड़ी अहम बातें सीखने का अवसर देते हैं। यह अनुभव न केवल उनके समग्र विकास में सहायक होता है, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जागरूक भी बनाता है। इस दौरान कमिश्नर श्री डोमन सिंह को प्राथमिक शाला कुड़कानार के कक्षा चैथी के छात्र यूकेश बघेल ने स्वयं द्वारा तैयार पेंटिंग्स भेंट की तो कमिश्नर ने उसके प्रतिभा को सराहा और शाबाशी दी। साथ ही कक्षा 5 वीं की छात्रा सलोनी बघेल एवं तीसरी कक्षा की छात्रा रेशमी कश्यप ने कविता सुनाई। वहीं कुणाल ठाकुर ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर भाव-विभोर कर दिया। माध्यमिक शाला के 8 वीं के छात्र प्रकाश नाग ने भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का नाम बताया, तो अमित बघेल ने बैलगाड़ी के पुर्जों एवं विजय बघेल ने सायकल के पुर्जों के बारे में बताया। इसी तरह माध्यमिक शाला धरमाउर के छात्र हिमांशु कश्यप ने अपने परिवार के वंशवृक्ष तथा छात्रा सिमरन नाग ने विभिन्न खेल विधाओं के बारे में बताया। कमिश्नर ने इन सभी बच्चों को उत्साहित करते हुए उन्हें अपनी शुभकामनाएं दी।

कमिश्नर ने मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र की व्यवस्था को सराहा

    कमिश्नर श्री डोमन सिंह ने एकीकृत बाल विकास परियोजना तोकापाल के अंतर्गत मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र धरमाउर का अवलोकन कर स्वच्छता एवं साफ-सफाई, बच्चों को गणवेशयुक्त, स्कूल पूर्व प्रारंभिक शिक्षा देने के लिए खिलौने, गिनती के चार्ट इत्यादि को व्यवस्थित पाकर प्रशंसा की। वहीं उन्होंने किचन की व्यवस्था के साथ ही किचन में लक्षित बच्चों को दी जाने वाली गर्म भोजन रोटी, चावल, सब्जी एवं दाल की गुणवत्ता को देखकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गीता कश्यप एवं सहायिका राजकुमारी के सार्थक पहल को सराहा और उन्हें निरंतर बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल तथा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।