आधार कैंप, आधार बेस्ड उपस्थिति और ई-ऑफिस पर कलेक्टर सख्त

Collector strict on Aadhaar camp, Aadhaar based attendance and e-office

आधार कैंप, आधार बेस्ड उपस्थिति और ई-ऑफिस पर कलेक्टर सख्त

समय-सीमा की बैठक में एमसीबी जिले के प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने के निर्देश

एमसीबी/ 17 मार्च 2026 जिले में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित सेवा वितरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर द्वारा आयोजित समय-सीमा की वर्चुअल बैठक में आधार कैंपों के विस्तार, आधार बेस्ड उपस्थिति प्रणाली के अनिवार्य क्रियान्वयन तथा ई-ऑफिस व्यवस्था के प्रभावी संचालन को लेकर स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि इन तीनों व्यवस्थाओं के सुदृढ़ क्रियान्वयन से प्रशासनिक कार्यों में गति और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होंगी।
कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आधार बेस्ड अटेंडेंस प्रणाली को जिला पंचायत, नगर निगम, एसडीएम एवं तहसील कार्यालयों सहित सभी शासकीय कार्यालयों में प्राथमिकता के साथ लागू किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविदा, नियमित एवं अन्य माध्यमों से कार्यरत सभी कर्मचारियों की उपस्थिति इसी प्रणाली से दर्ज होनी चाहिए, जिससे कार्य संस्कृति में अनुशासन और पारदर्शिता बनी रहे।
बैठक में आधार नामांकन एवं अद्यतन कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के दूरस्थ, आदिवासी एवं वंचित क्षेत्रों में विशेष आधार कैंपों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र व्यक्ति आधार सेवाओं से वंचित न रहे, इसके लिए विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। महिला एवं बाल विकास विभाग को आधार किट की उपलब्धता सुनिश्चित कर अभियान को गति देने के निर्देश दिए गए।
ई-ऑफिस प्रणाली को प्रशासनिक दक्षता का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कलेक्टर ने सभी विभागों को इसे पूर्णतः अपनाने के निर्देश दिए। फाइलों के डिजिटल निस्तारण, समयबद्ध कार्रवाई और कार्यालयीन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि अनावश्यक विलंब की स्थिति समाप्त हो। बैठक में न्यायालयीन प्रकरणों, विशेषकर हाईकोर्ट में लंबित मामलों की गहन समीक्षा करते हुए उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए। साथ ही भूमि आवंटन, नालंदा परिसर के लिए भूमि चिन्हांकन, हाईस्कूल भवनों की स्वीकृति, खेल विभाग हेतु भूमि चयन एवं परसगढ़ी में प्रस्तावित नर्सिंग कॉलेज स्थापना से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने पीवीटीजी सर्वे को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत एवं बसाहट स्तर पर ठोस रणनीति तैयार करने और प्रत्येक ग्राम के लिए सर्वे दल का पूर्व निर्धारण करने के निर्देश दिए। तीनों जनपदों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की लंबित भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, कृषि, मत्स्य एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की प्रगति, अखरा विकास योजना एवं आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। जिला कोषालय अधिकारी ने जानकारी दी कि अब सभी शासकीय चालान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे, जिससे वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी।
कलेक्टर ने अंत में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा में योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि एमसीबी जिले में विकास की गति निरंतर बनी रहे और आमजन को त्वरित लाभ मिल सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ एवं अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, श्रीमती इंदिरा मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।