चुनाव प्रचार के दौरान शासकीय संपत्तियों को विकृत करने पर संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत होगी कार्यवाही

Action will be taken under the Property Defacement Act if government property is defaced during election campaign

चुनाव प्रचार के दौरान शासकीय संपत्तियों को विकृत करने पर संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत होगी कार्यवाही

नगरीय निकाय व त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन

कोंडागांव। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर के आदेशानुसार नगरपालिका परिषद, नगर पंचायत एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2025 के लिए कार्यक्रम जारी किये जाने के साथ ही आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है।

निर्वाचन के दौरान चुनाव प्रचार-प्रसार करने के लिए शासकीय सम्पत्ति में नारे लिखे जाते हैं, बैनर लगाये जाते है, विद्युत खम्बो में झण्डिया इत्यादि लगायी जाती है, जिससे शासकीय सम्पत्ति का स्वरूप विकृत हो जाता है। इसी प्रकार से बिना सहमति के अशासकीय संपत्ति पर भी विरूपित करने की गतिविधि की जाती है। इस संबंध में छ.ग. सम्पत्ति विरूपण अधिनियम 1994 की धारा-3 के अनुसार कोई भी, जो सम्पत्ति स्वामी के लिखित अनुज्ञा के बिना, सार्वजनिक दृष्टि में आने वाली किसी सम्पत्ति को स्याही, खडिया, रंग या किसी अन्य पदार्थों से लिखकर या चिन्हित करके या बैनर, पोस्टर, तोरण, पताका से विरूपित करेगा उसे 1 हजार रुपये तक जुर्माने से दण्डित किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कुणाल दुदावत ने छत्तीसगढ़ संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा-5 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए  सम्पति विरूपण पर कार्यवाही के लिए आदेशित किया है।

चुनाव प्रचार प्रसार के दौरान नगरपालिका,नगर पंचायत एवं ग्राम पंचायत क्षेत्र में ऐसे कृत्यों के निवारण के लिए प्रत्येक तहसील में गठित लोक सम्पत्ति विरूपण कार्यवाही दल संबंधित तहसीलदार की देख रेख में कार्य करेगा तथा भ्रमण करते समय सम्पत्ति को विरूपित होने से रोकेगा। इस दस्ते में राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, कर्मचारी तथा नगरपालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत के कर्मचारी शामिल होंगे।