कार से भोपाल कलेक्टर ऑफिस पहुंचा परिवार, फिर गाड़ी में आग लगा उसकी छत पर चढ़कर जान देने की कोशिश
The family reached the Bhopal Collector's Office in a car, then set the car on fire and tried to commit suicide by climbing on its roof
भोपाल। कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एक सनसनीखेज घटना हुई। हौतम सिंह ने अपनी कार को कलेक्ट्रेट भवन के मुख्य द्वार के सामने खड़ा कर करीब पौने एक बजे आग के हवाले कर दिया। इस घटना से परिसर में दहशत का माहौल बन गया।
घटना के समय कलेक्ट्रेट के आसपास भीड़ थी। जैसे ही कार में आग लगी अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार को आग लगाने के बाद हौतम सिंह जलती हुई कार की छत पर चढ़ गया, इससे पहले कि आग और फैलती कलेक्ट्रेट परिसर के गार्डों ने उसे नीचे उतारा और मौके पर मौजूद लोगों को वहां से हटाया।
सरकारी वाहनों को तुरंत बाहर निकाला गया
इस दौरान पार्किंग में खड़े जिला पंचायत सीईओ ऋतुराज सिंह और अन्य एसडीएम के सरकारी वाहनों को तुरंत बाहर निकाला। घटना के बाद कोहेफिजा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हौतम सिंह, उसके भाई राय सिंह, मां शक्कर बाई और दो अन्य लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ के लिए सभी को थाने ले जाया गया।
पुराना भूमि विवाद बना आगजनी का कारण
घटना के पीछे का कारण एक पुराना भूमि विवाद बताया जा रहा है। दरअसल, अरेरा कालोनी निवासी शैलेंद्र पटेल ने 14 अक्टूबर 2010 में बरखेड़ा नाथू निवासी रघुनाथ सिंह से 13 एकड़ जमीन का एक करोड़ 28 लाख 50 हजार में एग्रीमेंट किया था।
अग्रिम भुगतान के तौर पर 10 लाख रुपये भी दिए गए थे। लेकिन, रघुनाथ सिंह ने राजस्व प्रकरण लंबित होने का हवाला देते हुए सीमांकन में देरी की। बाद में रघुनाथ सिंह की मृत्यु हो गई।
उनके वारिस पत्नी शक्कर बाई और पुत्र हौतम सिंह व राय सिंह ने इस केस को अदालत में लड़ना शुरू किया। निचली अदालत ने शैलेंद्र पटेल के पक्ष में फैसला सुनाया, लेकिन मामला उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित है।






