मिलेट बार से कुपोषण पर प्रहार, बच्चों के बेहतर पोषण की ओर बढ़ता कदम
Millet bars tackle malnutrition, a step towards better nutrition for children
कुपोषित बच्चों को दिया जा रहा अतिरिक्त पौष्टिक आहार फाइबर, प्रोटीन और आयरन से भरपूर मिलेट बार से सुधरेगा बच्चों का पोषण स्तर
रायपुर,13 मार्च 2026

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कुपोषण के उन्मूलन के लिए महासमुंद जिले में प्रभावी पहल की जा रही है।
आंगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से 6 माह से 6 वर्ष तक के लक्षित 14 हजार 172 कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक आहार के रूप में मिलेट बार प्रदान किया जा रहा है। यह पहल बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने और उनके समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री टिक्वेन्द्र जटवार ने बताया कि कुपोषित बच्चों के सही विकास और कुपोषण की रोकथाम के लिए उच्च प्रोटीन युक्त आहार बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से लक्षित बच्चों को आंगनवाड़ी केन्द्रों में सप्ताह में छह दिन सोमवार से शनिवार तक, माह में कुल 26 दिवस प्रति हितग्राही प्रतिदिन 20 ग्राम मिलेट बार दिया जा रहा है।मिलेट बार फाइबर, प्रोटीन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने में सहायक है। यह बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उनके समुचित विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अधिकारियों ने बताया कि बच्चे के 6 माह पूर्ण होने के बाद यदि उसे पर्याप्त ऊपरी आहार नहीं मिलता, तो उसके पोषण और विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए शुरुआती अवस्था में संतुलित और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर तरीके से हो सके।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित पूरक पोषण आहार कार्यक्रम के अंतर्गत वर्तमान में आंगनवाड़ी केन्द्रों में 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक गर्म भोजन भी प्रदान किया जा रहा है। इस प्रकार की पहलें कुपोषण के खिलाफ प्रभावी रणनीति बनकर बच्चों के स्वस्थ भविष्य की नींव मजबूत कर रही हैं।






