10,000 चूजों की क्षमता वाले एयर कंडीशनर मुर्गी फार्म का संचालन कर रही है माँ लक्ष्मी महिला समूह
Maa Lakshmi Mahila Samuha operates an air-conditioned poultry farm with a capacity of 10,000 chicks
मुर्गी फार्म से लगभग 80 हजार से अधिक का मासिक आय कर रहे है अर्जित
रायपुर ,12 मार्च 2026
महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम एम.के. बाहरा की जय माँ लक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आज राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। आजीविका मिशन 150 के द्वितीय चरण के अंतर्गत समूह द्वारा स्थापित 10,000 चूजों की क्षमता वाले एयर कंडीशनर मुर्गी फार्म का शुभारम्भ जिला स्काउट गाइड के अध्यक्ष श्री एतराम साहू एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हेमंत नंदनवार के द्वारा किया गया।
समूह की अध्यक्ष युगेश्वरी साहू बताती है कि समूह की सदस्य महिलाएं पहले मुख्य रूप से खेती-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। उनके पास आय का स्थायी साधन और पर्याप्त संसाधन नहीं थे, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगा। समूह की सभी सदस्याओं ने मिलकर आजीविका गतिविधियों की शुरुआत की और धीरे-धीरे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया।
युगेश्वरी बताती है कि समूह को एनआरएलएम के तहत 15 हजार रुपये की चक्रीय निधि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने छोटे स्तर पर मुर्गी फार्म की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) से 60 हजार रुपये प्राप्त किए तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से 1 लाख रुपये का ऋण लिया। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने क्रमशः 2 लाख रुपये और 5 लाख रुपये का उद्यम ऋण भी प्राप्त किया। आजीविका को और विस्तारित करने के उद्देश्य से समूह ने बैंक से 10 लाख रुपये का ऋण लेकर आधुनिक एसी मुर्गी फार्म की स्थापना की। इस कार्य में अध्यक्ष युगेश्वरी साहू के पति सुरेश साहू के मार्गदर्शन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
आज इस मुर्गी फार्म से समूह को लगभग 80 से 90 हजार रुपये तक मासिक आय प्राप्त हो रही है। इससे समूह की महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में काफी सुधार आया है। इस व्यवसाय के माध्यम से समूह की सदस्याएं आत्मनिर्भर बनी है। साथ ही अन्य सदस्यों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। बढ़ी हुई आय से वे अपने परिवार के पालन-पोषण, स्वास्थ्य, बच्चों की उच्च शिक्षा तथा जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सक्षम हो रही हैं। समूह की सदस्याओं का कहना है कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका शुरू करने का साहस, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग मिला है। वे इस व्यवसाय को और आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं तथा राज्य शासन एवं बिहान योजना के प्रति आभार व्यक्त की हैं।






