जल जीवन मिशन से बदली फुलमत बाई की जिंदगी, अब नहीं करना पड़ता पानी के लिए संघर्ष

Jal Jeevan Mission has changed Fulmat Bai's life; she no longer has to struggle for water.

जल जीवन मिशन से बदली फुलमत बाई की जिंदगी, अब नहीं करना पड़ता पानी के लिए संघर्ष

रायपुर, 01 मार्च 2026

जल जीवन मिशन से बदली फुलमत बाई की जिंदगी

आदिवासी बहुल कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम नवापारा की 60 वर्षीय फुलमत बाई कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझा करती थीं। घर में नल नहीं होने के कारण उन्हें प्रतिदिन दो से तीन किलोमीटर दूर स्थित ढोढ़ी तक जाना पड़ता था। नाले के पास बने उस अस्थायी स्रोत से बड़े बर्तन में पानी भरकर सिर पर लादकर घर लाना उनकी मजबूरी ही नहीं, बल्कि दिनचर्या बन गई थी।

बरसात के दिनों में फिसलन भरे रास्तों पर जोखिम उठाकर ढोढ़ी तक पहुँचना कठिन होता था और गर्मी के मौसम में पानी का स्तर घट जाने पर समस्या और भी विकराल रूप ले लेती थी। बकरी पालन से जीवन यापन करने वाली वृद्धा इस कष्ट को वर्षों से सहती आ रही थीं। लेकिन जल जीवन मिशन के अंतर्गत उनके घर में नल कनेक्शन लगने के बाद उनका जीवन बदल गया। अब रोज सुबह 8 बजे और शाम 4 बजे उनके नल से नियमित रूप से पानी उपलब्ध होता है। फुलमत बाई कहती हैं कि अब उन्हें ढोढ़ी तक नहीं जाना पड़ता, जिससे उनके समय, श्रम और स्वास्थ्य तीनों की बचत हो रही है।
फुलमत बाई को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये भी प्राप्त होते हैं, जो उनके दैनिक खर्चों में बड़ी सहारा बनते हैं। सरकारी योजनाओं ने मिलकर उनके जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाया है।