सुशासन तिहार 2026 : सुकमा जिले के सुदूर गांवों में पेड़ के नीचे सजी चौपाल, मौके पर ही हुआ समस्याओं का समाधान

Good Governance Festival 2026: In remote villages of Sukma district, Chaupals were set up under trees, problems were resolved on the spot.

सुशासन तिहार 2026 : सुकमा जिले के सुदूर गांवों में पेड़ के नीचे सजी चौपाल, मौके पर ही हुआ समस्याओं का समाधान

कलेक्टर ने हमीरगढ़, जैमेर और पेरमारास में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

योजनाओं के त्वरित लाभ से खिले चेहरे

रायपुर, 14 मई 2026

सुशासन तिहार 2026 : सुकमा जिले के सुदूर गांवों में पेड़ के नीचे सजी चौपाल, मौके पर ही हुआ समस्याओं का समाधान

छत्तीसगढ़ शासन की लोक-कल्याणकारी नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आयोजित सुशासन तिहार 2026 का सुकमा जिले में संवेदनशील स्वरूप देखने को मिला। सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम हमीरगढ़, जैमेर और पेरमारास में आयोजित विशेष शिविरों में प्रशासन स्वयं चलकर ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचा। इस दौरान न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण हुआ, बल्कि ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस द्वार पर दस्तक पहल की मुक्त कंठ से सराहना की।

संवेदनशीलता जब ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठे अधिकारी

जैमेर और पेरमारास के शिविरों में प्रशासन का मानवीय चेहरा तब सामने आया जब कलेक्टर श्री अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर और अन्य आला अधिकारी किसी प्रोटोकॉल के बिना पेड़ के नीचे चौपाल लगाकर ग्रामीणों के बीच बैठ गए। अधिकारियों ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी जमीनी समस्याओं और सुझावों को सुना।

योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा

कलेक्टर ने चौपाल के माध्यम से प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन की स्थिति। राशन वितरण और आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता की जानाकरी ली। उन्होंने कृषि एग्रीस्टेक पंजीयन, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और बोनस भुगतान के संबंध में ग्रामीणजनों से जानकारी ली। 

ऑन द स्पॉट निराकरण से मिली राहत

शिविर के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। बड़ी संख्या में हितग्राहियों को निम्नलिखित लाभ मौके पर प्रदान किए गए।राजस्व विभाग के द्वारा नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन का निराकरीण किया गया और  आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र सिल पर ही प्रदान किया गया। राशन कार्ड और जॉब कार्ड का अपग्रेडेशन और  वितरण किया गया।

सुशासन का संकल्प

कलेक्टर ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का मूल उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुँचाना है। इस अवसर पर एसडीएम श्री पी.वी. खेस सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।