दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना

Deendayal Upadhyay Landless Agricultural Labourers Welfare Scheme

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना

जिले के 15 हजार 565 हितग्राहियों को 15 करोड़ 56 लाख 50 हजार रूपए की राशि हस्तांतरित

राजनांदगांव। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणि शुक्ल हायर सेकेंडरी स्कूल मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय आदान राशि वितरण कार्यक्रम से दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 हितग्राहियों को 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रूपए डीपीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में अंतरित की। राजनांदगांव जिले के 15 हजार 565 हितग्राहियों को 15 करोड़ 56 लाख 50 हजार रूपए की राशि अंतरित की गई। जिले के सभी विकासखंडों में ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया तथा वचुअल माध्यम से जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं हितग्राही कार्यक्रम से जुड़े रहे। कार्यक्रम में हितग्राहियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। हितग्राहियों को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से लाभान्वित होने पर बधाई दी गई। इसी क्रम में जनपद पंचायत राजनांदगांव में ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया।  इस अवसर पर अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती अनिता सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देव कुमारी साहू, अपर कलेक्टर  सीएल मारकण्डेय, डिप्टी कलेक्टर  विश्वास कुमार, सीईओ जनपद पंचायत राजनांदगांव  मनिष साहू, तहसीलदार राजनांदगांव  प्यारेलाल नाग सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं हितग्राही उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक रूप से संबल बनाने के लिए शुरू की गई है। योजना के तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रूपए की वित्तीय सहायता सीधे हितग्राही के बैंक खाते में दी जाती है। इस योजना में भूमिहीन कृषि मजदूरों के साथ वनोपज संग्राहक भूमिहीन परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई, धोबी सहित अन्य पौनी-पसारी व्यवस्था से संबद्ध भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं। इनके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासियों के देवस्थल में पूजा करने वाले पुजारी, बैगा, गुनिया, मांझी परिवारों को भी शामिल किया गया है।