कलेक्टर श्री बी.एस. उइके ने स्वास्थ्य, महिला-बाल विकास विभाग, यूनिसेफ एवं सीजीएमएससी की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर दिए आवश्यक निर्देश
Collector Shri B.S. Uikey held a joint review meeting of the Health, Women and Child Development Department, UNICEF and CGMSC and issued necessary instructions.
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ, कुपोषण उन्मूलन, मातृ-शिशु सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
गरियाबंद, 18 मार्च 2026 कलेक्टर श्री बी.एस. उइके की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, यूनिसेफ एवं सीजीएमएससी की संयुक्त बैठक लेकर विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रखर चंद्राकर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एस. नवरत्न, सिविल सर्जन श्री यशवंत कुमार धु्रव, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अशोक पाण्डेय सहित सभी बीएमओ, सीडीपीओ, बीपीएम, पर्यवेक्षक, नोडल अधिकारी एवं दोनों विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर श्री उइके ने कहा कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा।
कलेक्टर श्री उइके ने जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं, अधोसंरचना को मजबूत करने, संस्थागत प्रसव बढ़ाने, एएनसी पंजीयन, एनआरसी में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को भर्ती करने, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण करने तथा चिन्हांकित बच्चों के उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहकर स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का नियमित आकलन करें। उन्होंने अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने, गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ प्रदान करने और किसी भी लाभार्थी को उपचार से वंचित न रहने देने के निर्देश दिए।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान बच्चों में कुपोषण की स्थिति, एनीमिया स्तर, पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी), वजन त्यौहार, पूरक पोषण आहार, पोषण ट्रैकर अपडेट, गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन, टीकाकरण तथा ग्राम पंचायतवार कुपोषण के आंकड़ों पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने गंभीर एवं मध्यम कुपोषित बच्चों को समय पर एनआरसी में भर्ती करने तथा फॉलो-अप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि नियमित उपस्थिति और पोषण सेवाओं की निरंतरता से बच्चों में कुपोषण की दर में प्रभावी कमी आएगी। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में रनिंग वाटर, बिजली, साफ-सफाई और एलपीजी गैस कनेक्शन उपलब्धता की भी समीक्षा की और अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की प्रथम एवं द्वितीय किस्त, महतारी वंदन योजना, सुकन्या समृद्धि, नोनी सुरक्षा, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, बाल विवाह रोकथाम, पॉक्सो प्रकरण, महिला कोष, स्पॉन्सरशिप योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन, सखी वन स्टॉप सेंटर और नवा बिहान की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण योजनाओं को संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि लोगों को स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने में हर कर्मचारी अपना शत-प्रतिशत योगदान दें। किसी भी लाभार्थी को सेवाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाए।
इस दौरान कलेक्टर श्री उइके ने अधिकारी-कर्मचारियों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई।






