बस्तर जिले की 21 ग्राम पंचायतों में उपचुनाव

By-elections in 21 Gram Panchayats of Bastar district

बस्तर जिले की 21 ग्राम पंचायतों में उपचुनाव

निर्वाचन आयोग ने जारी किया मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम.   

जगदलपुर, 13 मार्च 2026
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग ने बस्तर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रिक्त पड़े पंचायत पदों को भरने के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दिया है। निर्वाचन भवन नवा रायपुर से जारी निर्देशानुसार अब बस्तर जिले की 21 ग्राम पंचायतों में पंच के रिक्त पदों पर उपचुनाव की तैयारियां आरंभ हो गई हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए अवगत कराया गया है कि यह पूरी चुनावी प्रक्रिया 01 अप्रैल 2026 की संदर्भ तिथि के आधार पर तैयार की जाने वाली नई फोटोयुक्त मतदाता सूची पर आधारित होगी। प्रशासनिक स्तर पर इस कार्य को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण की शुरुआत 23 मार्च 2026 से होगी, जिसमें रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति और कर्मचारियों का चयन किया जाएगा। इसके पश्चात विधानसभा की मौजूदा मतदाता सूची से वार्डवार डेटा पृथक कर सॉफ्टवेयर के माध्यम से त्रुटिहीन सूची तैयार की जाएगी। इस प्रारंभिक तैयारी के बाद 13 अप्रैल 2026 को मतदाता सूची का सार्वजनिक प्रकाशन किया जाएगा, जिसके साथ ही दावा-आपत्ति का दौर शुरू होगा। स्थानीय नागरिक 20 अप्रैल की दोपहर 3 बजे तक अपने नाम जुड़वाने, कटवाने या संशोधन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
निर्वाचन आयोग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार जिले के छह विकासखंड जगदलपुर, बस्तर, बकावण्ड, लोहण्डीगुड़ा, तोकापाल और दरभा में कुल 22 पंच पदों के लिए मतदान होना है। सबसे अधिक रिक्तियां बकावण्ड जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों जैसे करीतगांव, जैबेल और सोनपुर में देखी गई हैं, जहाँ कुल 9 पदों पर चुनाव होने हैं। वहीं बस्तर जनपद की नवा रतेंगा, सुधापाल और गुरिया जैसी पंचायतों में भी 6 रिक्त स्थानों को भरने की तैयारी है। पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी ने निर्देश दिए हैं कि दावा-आपत्तियों का निराकरण 27 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से कर लिया जाए। इसके बाद 05 मई 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा, जो आगामी उपचुनाव के लिए आधार बनेगी। वर्तमान में जिला प्रशासन और निर्वाचन शाखा इन रिक्त पदों पर सुचारू मतदान संपन्न कराने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, ताकि ग्रामीण लोकतंत्र की इन बुनियादी इकाइयों में जन प्रतिनिधियों की कमी को दूर किया जा सके।