लोकसंगीत और बॉलीवुड सुरों से सजा मैनपाट महोत्सव का दूसरा दिन

The second day of the Mainpat Festival was decorated with folk music and Bollywood tunes.

लोकसंगीत और बॉलीवुड सुरों से सजा मैनपाट महोत्सव का दूसरा दिन

अलका चंद्राकर और वैशाली रायकवार की प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शको को बांधे रखा

मेला, बोटिंग और दंगल के रोमांच के साथ उमड़ा जनसैलाब

रायपुर, 15 फरवरी 2026

लोकसंगीत और बॉलीवुड सुरों से सजा मैनपाट महोत्सव का दूसरा दिन

छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ के नाम से विख्यात मैनपाट में आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव का दूसरा दिन सांस्कृतिक वैभव, उत्साह और जनसैलाब के नाम रहा। सुरों की मधुर गूंज, रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियां और मेले की चहल-पहल ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। मशहूर छत्तीसगढ़ी लोकगायिका अलका चंद्राकर और इंडियन आइडल फेम वैशाली रायकवार की शानदार प्रस्तुतियों ने देर रात तक दर्शकों को बांधे रखा।

लोकसंगीत और बॉलीवुड सुरों से सजा मैनपाट महोत्सव का दूसरा दिन

लोकसंगीत की मधुर सरिता में डूबा मैनपाट
कार्यक्रम की शुरुआत अलका चंद्राकर की भक्तिमय जसगीत प्रस्तुति से हुई, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। इसके बाद ददरिया, सुवा गीत और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी लोकधुनों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनकी सुमधुर आवाज और मंच पर सहज प्रस्तुति ने लोकसंस्कृति की छटा बिखेर दी।

लोकसंगीत और बॉलीवुड सुरों से सजा मैनपाट महोत्सव का दूसरा दिन

बॉलीवुड धुनों पर थिरके कदम
वैशाली रायकवार ने अपने दमदार स्वर और लोकप्रिय बॉलीवुड गीतों की श्रृंखला से महफिल में जोश भर दिया। एक के बाद एक प्रस्तुत गीतों पर दर्शक झूमते रहे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा परिसर गूंज उठा। युवा दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

मेला, बोटिंग और दंगल के रोमांच के साथ उमड़ा जनसैलाब

विविधता और प्रतिभा का मंच
जांजगीर-चांपा से आए शांति प्रतिमा डांस ग्रुप के ट्रांसजेंडर कलाकारों ने ‘नौ दुर्गा’ स्वरूप में भावपूर्ण नृत्य-नाटिका प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। उनकी ऊर्जा, अभिव्यक्ति और समर्पण ने कार्यक्रम को विशेष आयाम दिया।
स्थानीय कलाकारों—आँचल मदलियार, मनप्रीत, दिलबाग सिंह, माही जायसवाल और हर्ष पूरी—ने भी अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

शास्त्रीय और बाल प्रतिभाओं की झलक
नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय, अंबिकापुर की छात्राओं ने कत्थक नृत्य की सुंदर प्रस्तुति देकर शास्त्रीय कला की गरिमा को मंच पर जीवंत किया। वहीं स्कूली बच्चों ने गीत और नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर सबका मन मोह लिया।

मेले की रौनक, बोटिंग और दंगल का रोमांच
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ महोत्सव स्थल पर सजे भव्य मेले में देर शाम तक भारी भीड़ उमड़ती रही। झूले, खानपान और विभिन्न स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे। पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने बोटिंग का भरपूर आनंद लिया। दंगल प्रतियोगिता में पहलवानों के बीच हुए रोमांचक और दमदार मुकाबलों को देखने के लिए दर्शकों में विशेष उत्साह देखा गया। हर दांव-पेच पर तालियों और उत्साहवर्धन की आवाजें गूंजती रहीं।

गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री सुनील नायक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमोलक सिंह ढिल्लो, जनपद उपाध्यक्ष श्री अनिल सिंह, श्री रजनीश पाण्डेय, श्री राम यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

मैनपाट महोत्सव का दूसरा दिन सांस्कृतिक एकता, लोकपरंपरा और आधुनिक मनोरंजन का जीवंत उदाहरण बना। संगीत, नृत्य और रोमांच से सजी यह शाम लंबे समय तक लोगों की यादों में बनी रहेगी।