कलेक्टर ने दानदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर बढ़ाया उत्साह

The collector boosted the enthusiasm of the donors by providing them certificates

कलेक्टर ने दानदाताओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर बढ़ाया उत्साह

रायपुर। जिले में ज्ञान और शिक्षा के प्रसार की दिशा में एक नई पहल 'स्मृति पुस्तकालय योजना' को जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में 15 जुलाई से शुरू हुई इस योजना के तहत प्रतिदिन पुस्तक प्रेमी आगे आकर किताबें दान कर रहे हैं। योजना के तहत आज भी 8 दानदाताओं ने विभिन्न विषयों की 42 पुस्तकें दान की जिनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर गाइडेंस और साहित्यिक रचनाएं शामिल थी। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सभी दानदाताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया और कहा,

"विद्यार्थियों के पास यदि संसाधन हों, तो वे किसी भी ऊँचाई तक पहुँच सकते हैं। यह योजना उनके सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है।"

पुस्तक दान करने वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं: श्री नीरज कुर्रे, श्री अमित कुमार आनंद, श्री आर्य कुमार भोई, श्री अर्जुन जांगड़े, श्री प्रेमचंद साहू, श्री कामदेव बंजारे, श्री तोषणलाल साहू और श्री तोरणदास मानिकपुरी।

श्री तोरणदास मानिकपुरी ने स्वरचित करियर मार्गदर्शन पुस्तिका भी दान की, जो योजना की उपयोगिता और व्यक्तिगत योगदान को दर्शाता है।

श्री आर्य कुमार भोई ने कहा, "यह योजना उन छात्रों के लिए वरदान है जो किताबें खरीद नहीं सकते। मैंने प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित 6 पुस्तकें दान कीं ताकि उन्हें मदद मिल सके।"

गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा 15 जुलाई 2025 से स्मृति पुस्तकालय योजना की शुरुआत की गई थी ताकि जरूरतमंदों को छोटी सी मदद मिल जाए, जिनसे उनके मुकाम मिलने में आसानी हो। इस योजना के तहत अब 41 दानदाताओं द्वारा 846 से अधिक पुस्तकें दान की जा चुकी हैं। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस पहल में भाग लें और पुस्तक दान करके समाज के निर्माण में सहभागी बनें।