संसद नहीं चलने देना विपक्ष की लोकतंत्र विरोधी मानसिकता का परिचायक : बृजमोहन
Not allowing Parliament to function is a sign of the opposition's anti-democratic mentality: Brijmohan
रायपुर/नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा जमकर हंगामा किया। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने संसद की कार्यवाही में लगातार बाधा डाल रहे विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष आज पूरी तरह मुद्दाविहीन हो चुका है, न तो वह कोई सार्थक चर्चा करना चाहता है और न ही जनता के हितों से जुड़े विषयों पर जवाब देना चाहता है। उल्टा, वह केवल हंगामा और व्यवधान पैदा कर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।
सांसद अग्रवाल ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर विपक्ष ने जो बवाल मचाया, उसी में वह खुद उलझ गया है। अब मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर संसद की कार्रवाई को बाधित किया जा रहा है, यह विषय चुनाव आयोग से संबंधित है, जो एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था है। इस पर यदि कोई नियमानुसार चर्चा हो सकती है, तो सरकार इसके लिए पूरी तरह तैयार है। संसद के पटल पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर सरकार का पक्ष भी स्पष्ट रूप से रख दिया है।
उन्होंने विपक्ष की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि, “संसद देश का सर्वोच्च मंच है जहां देश की जनता के मुद्दों पर चर्चा होती है, योजनाओं की समीक्षा होती है और सरकार जवाबदेह बनती है। लेकिन कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित कर रहा है। यह उनके हताश और दिशाहीन होने का प्रमाण है।”
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सामान्यतः संसद में प्रश्नकाल को अवरोधित नहीं किया जाता, लेकिन विपक्ष अब प्रश्नकाल को भी नहीं चलने दे रहा है, जिससे यह साफ हो गया है कि उन्हें न तो जनहित की चिंता है और न ही लोकतांत्रिक मूल्यों की।
उन्होंने अंत में कहा कि, संसद की कारवाई नहीं चलने देने से देश का करोड़ों रुपए बर्बाद हो रहा है, जनता सब देख रही है और समय आने पर इस जनविरोधी रवैये का जनता करारा जवाब देगी।






