निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति के लिए पेयजल योजनाओं का प्रभावी संचालन व अनुरक्षण सुनिश्चित करना जरूरी - श्री अरुण साव

It is necessary to ensure effective operation and maintenance of drinking water schemes for uninterrupted and quality water supply - Shri Arun Saw

निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति के लिए पेयजल योजनाओं का प्रभावी संचालन व अनुरक्षण सुनिश्चित करना जरूरी - श्री अरुण साव

नई दिल्ली में आयोजित जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय नीति संवाद में उप मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कार्यों की जानकारी दी, सस्टेनेबल पेयजल आपूर्ति के लिए दिए सुझाव

केंद्र सरकार और राज्यों के बीच पंचायतों को हस्तांतरित पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर मंथन

रायपुर. 28 जनवरी 2026

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव

केंद्र सरकार और राज्यों के बीच पंचायतों को हस्तांतरित पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर मंथन

उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल सेवाओं के प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) के लिए आयोजित मिनिस्टर्स लेवल पॉलिसी डायलॉग ऑन सस्टेनेबल ओएंडएम ऑफ रुरल ड्रिंकिंग वाटर सर्विसेस (Ministers Level Policy Dialogue on Sustainable O&M of Rural Drinking Water Services) में शामिल हुए। नई दिल्ली में आयोजित इस नीति संवाद की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल एवं केंद्रीय पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह ने की। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना, भारत सरकार के सचिव एवं अतिरिक्त सचिव सहित देश के विभिन्न राज्यों के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री भी शामिल हुए। इस संवाद कार्यक्रम में भारत सरकार और विभिन्न राज्यों के बीच ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को दीर्घकालिक, सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने गहन विचार-विमर्श किया गया।

केंद्र सरकार और राज्यों के बीच पंचायतों को हस्तांतरित पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर मंथन

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नीति संवाद में छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों, जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों तथा राज्य की उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत निर्मित पेयजल योजनाओं को पंचायतों को हस्तांतरित करने के बाद उनका प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति बनी रहे। श्री साव ने पंचायतों की भूमिका, स्थानीय सहभागिता और तकनीकी सहयोग को जलापूर्ति व्यवस्था की स्थिरता का आधार बताया।

बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से प्राप्त व्यावहारिक अनुभवों एवं सुझावों पर भी गहन चर्चा हुई, जिससे जमीनी स्तर पर जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक सशक्त, टिकाऊ तथा जनहितकारी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। राज्य की ओर से जल जीवन मिशन के मिशन संचालक श्री जितेंद्र शुक्ला, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री ओंकेश चंद्रवंशी, अधीक्षण अभियंता श्री ए.के. मालवे तथा कार्यपालन अभियंता श्री संजय राठौर ने भी बैठक में भागीदारी की।