युक्तियुक्तकरण से सुदृढ़ हुई शिक्षा व्यवस्था
Education system strengthened by rationalization
प्राथमिक शाला छुईहा में अब पर्याप्त शिक्षक
रायपुर। शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किए जा रहे युक्तियुक्तकरण के सकारात्मक परिणाम अब दिखने लगे हैं। बलौदाबाजार विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला छुईहा (माल गुजारी) में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के तहत दो शिक्षकों की अतिरिक्त पदस्थापना की गई है। इसके साथ ही विद्यालय में शिक्षकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई व्यवस्थित और सुचारू रूप से हो रही है।
विद्यालय में वर्तमान में 106 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं, जिनमें 54 छात्र और 52 छात्राएँ शामिल हैं। पहले विद्यालय में केवल दो शिक्षक पदस्थ थे, जिससे सभी विषयों का नियमित अध्यापन संभव नहीं हो पा रहा था। अब दो नए शिक्षकों के जुड़ने से विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय की पढ़ाई गुणवत्तापूर्ण ढंग से मिल रही है।
युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत शासकीय नवीन प्राथमिक शाला इंद्रा कॉलोनी बिनौरी से श्रीमती मंजूषा वर्मा तथा शासकीय प्राथमिक शाला रवान से श्रीमती चंद्रकला सोनवानी की पदस्थापना की गई है। शिक्षकों की संख्या दोगुनी होने से बच्चों और अभिभावकों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल है। कक्षा पाँचवीं की छात्रा दीपिका घृतलहरे ने कहा कि पहले केवल दो शिक्षक थे, जिसके कारण सभी विषयों की पढ़ाई संभव नहीं हो पाती थी, लेकिन अब चार शिक्षक हो जाने से सभी विषय अच्छे से पढ़ाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। युक्तियुक्तकरण की इस पहल से न केवल शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार भी मिल रहा है। यह कदम आने वाली पीढ़ी के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव रखेगा। विद्यालय में शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता से न केवल पठन-पाठन व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।






